देवल संवाददाता, आजमगढ़। देश और प्रदेश में बढ़ती महंगाई के खिलाफ समाजवादी पार्टी के महिला संगठन ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भेजा। सपा महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष बबीता चौहान के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए सरकार से महंगाई पर तत्काल प्रभावी नियंत्रण की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि लगातार बढ़ती महंगाई का सबसे अधिक असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। रसोई का बजट बिगड़ने से महिलाओं के सामने परिवार का खर्च चलाने की चुनौती बढ़ गई है। संगठन ने राज्यपाल से प्रदेश सरकार को आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कमी लाने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया।
चीनी की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाया-
बबीता चौहान ने चीनी की बढ़ती कीमतों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान घरों में मिठाई और विभिन्न पकवान बनाने में चीनी का उपयोग अधिक होता है। ऐसे समय में कीमत बढ़ने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।
रसोई की आवश्यक वस्तुओं के दाम घटाने की मांग-
ज्ञापन में गैस सिलेंडर, सरसों का तेल, रिफाइंड तेल, दाल, चावल, चीनी, चाय की पत्ती और प्याज समेत अन्य रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों का मुद्दा उठाया गया। महिला संगठन ने कहा कि इन वस्तुओं के महंगे होने से परिवारों के लिए संतुलित भोजन की व्यवस्था करना भी चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
पेट्रोल-डीजल और एथेनॉल मिश्रण पर भी सवाल-
ज्ञापन में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और वाहनों में एथेनॉल मिश्रण को लेकर भी सवाल उठाए गए। संगठन ने दावा किया कि एथेनॉल मिश्रण के कारण कुछ वाहनों में इंजन संबंधी समस्याएं और माइलेज प्रभावित होने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
सपा महिला संगठन ने राज्यपाल से केंद्र एवं प्रदेश सरकार से आवश्यक वस्तुओं की बढ़ी कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण कराने तथा गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को महंगाई से राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
इस दौरान बबीता चौहान के नेतृत्व में द्रोपती पांडे, सुषमा चौहान, प्रेमा यादव, सीता देवी, साधना भारती, विमल चौहान, इंद्र यादव, इंद्रावती देवी, गुड्डी देवी, उषा चौहान और शांति चौहान सहित महिला संगठन की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
