देवल संवाददाता, मऊ। जीवन रक्षा के लिए हृदय की सुरक्षा आवश्यक है। बढ़ती उम्र के साथ दिनचर्या एवं खानपान में असंतुलन होने की दशा में हृदय रोग का प्रभाव तेजी से बढ़ता है। इस समय युवाओं में इस रोग का खतरा बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है। अनियमित दिनचर्या,देर रात तक मोबाइल फोन का उपयोग,फास्ट फूड के सेवन सहित तनाव हृदय रोग का महत्वपूर्ण कारक है। आधुनिक जीवनशैली में यह रोग जानलेवा सिद्ध हो रहा है। नियमित व्यायाम,संतुलित आहार व नियमित दिनचर्या इस रोग से बचाव में महत्वपूर्ण है। डॉ संजय सिंह ने विश्व हृदय दिवस यह संदेश पर दिया। शारदा नारायण हास्पिटल द्वारा आयोजित जागरूकता रैली एवं निःशुल्क चिकित्सा शिविर में अमेरिका से वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा वह बोल रहे थे।मेडिकल डायरेक्टर डॉ सुजीत सिंह दी कहा कि हृदय रोग के प्रति लोगों को जागरुक होने की आवश्यकता है। शारदा नारायण हास्पिटल में स्थापित कैथलैब में मेरे द्वारा सौ से अधिक टीपीआई,दौ सो से अधिक टीपीआई,साढ़े पांच सौ से अधिक सीएजी तथा दौ सौ चालीस टीपीसीए किया गया है। विश्व में यह तेजी से फैलता जा रहा है। योग-व्यायाम के साथ ही इस दिशा में सबको जागरुक करना अति आवश्यक है। इस अवसर शारदा नारायण हास्पिटल से गायत्री मंदिर,आजमगढ़ मोड़, रोडवेज होते डीसीएसकेपीजी कालेज तक जन जागरुकता रैली निकाली गई। इस दौरान शारदा नारायण नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कालेज पहसा,गड़वा के विद्यार्थियों ने सक्रिय प्रतिभाग किया।विश्व हृदय दिवस पर सोमवार को शारदा नारायण वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा शाही कटरा में शारदा नारायण हास्पिटल में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन कर 178 लोगों की आंख,शुगर,लिपिड प्रोफाइल, बीपी,एचबी,ब्लडप्रेशर व सांस की जांचकर उन्हें दवाओं का वितरण किया गया।
