देवल संवाददाता, मऊ। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर मंगलवार को प्रकाश हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में छात्र-छात्राओं के लिए हृदय स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विश्वजीत सिंह ने विद्यार्थियों को हार्ट अटैक के लक्षण,बचाव और आपात स्थिति में उठाए जाने वाले जरूरी कदमों की जानकारी दी।डॉ. विश्वजीत सिंह ने बताया कि सीने में दर्द या दबाव,सांस लेने में परेशानी,अत्यधिक पसीना,बेचैनी और कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हार्ट अटैक की स्थिति में मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सहायता दिलाना बेहद जरूरी है। उन्होंने संतुलित खान-पान,नियमित व्यायाम,तनाव पर नियंत्रण और स्वस्थ जीवनशैली को हृदय को स्वस्थ रखने के लिए महत्वपूर्ण बताया।कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति में सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया। साथ ही खाना या कोई वस्तु गले में फंसने यानी चोकिंग की स्थिति में तत्काल की जाने वाली प्राथमिक सहायता की जानकारी दी गई।डॉ. विश्वजीत सिंह ने एंजियोग्राफी समेत हृदय रोगों की जांच और उपचार में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न प्रक्रियाओं को भी विद्यार्थियों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि हृदय संबंधी आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में घबराने के बजाय सही तरीके से प्राथमिक सहायता देना मरीज के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को हृदय रोगों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें आपात परिस्थितियों में प्राथमिक सहायता और जीवनरक्षक तकनीकों के प्रति प्रशिक्षित करना रहा।
