गिरीश अकबरपुर, अम्बेडकर नगर दैनिक देवल ।आरोग्य पाइल्स हॉस्पिटल से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा में है, जहां एक मरीज ने ऑपरेशन के नाम पर 15 हजार रुपये मांगने और उपचार के बाद भी राहत न मिलने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि ऑपरेशन से पहले उससे एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करवाए गए, जिसमें किसी भी तरह की जटिलता के लिए अस्पताल को जिम्मेदार न ठहराने की बात लिखी गई थी। अब मरीज ने सवाल उठाया है कि जब इलाज के लिए अस्पताल पर भरोसा किया जाता है, तो जिम्मेदारी से पहले ही किनारा क्यों किया जाता है।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब आरोपों की जानकारी लेने के लिए एक मीडिया टीम अस्पताल पहुंची। पत्रकार का कहना है कि डॉक्टर से जानकारी लेने का प्रयास करने पर वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की कोशिश की। इस घटना के बाद पीड़ित पत्रकार ने कोतवाली अकबरपुर में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों का कहना है कि इलाज के नाम पर पैसे की मांग और उपचार के बाद भी समस्या बरकरार रहना चिंता का विषय है। वहीं, पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जवाबदेही को लेकर भी बहस छेड़ दी है।
फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है। अब यह देखना अहम होगा कि स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन इन आरोपों की किस तरह जांच करते हैं और क्या जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।
