बड़ी मशक्कत से हटाया गया अतिक्रमण दुबारा शुरू, जिम्मेदारों की निगरानी पर उठे सवाल
कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।जनपद मुख्यालय के जुड़वा कस्बे शहजादपुर में तिरंगा चौराहे से लेकर आसपास के मार्गों तक फुटपाथ पर दोबारा अस्थायी कब्जे का मामला सामने आने से नगर व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। कुछ समय पहले प्रशासन ने बड़ी मशक्कत के बाद फुटपाथ पर अस्थायी आवास बनाकर रह रहे लोगों को हटाकर मार्ग को कब्जामुक्त कराया था। इसके बाद प्रशासन की ओर से विस्थापित लोगों के रहने के लिए टांडा रोड पर जमीन उपलब्ध कराए जाने की बात भी सामने आई थी।अतिक्रमण हटने के बाद उम्मीद थी कि फुटपाथ और सार्वजनिक रास्ते दोबारा कब्जे की जद में नहीं आएंगे, लेकिन अब स्थिति फिर उसी दिशा में बढ़ती दिखाई दे रही है। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार कुछ लोगों ने दोबारा अस्थायी आवास खड़े कर सार्वजनिक स्थान पर कब्जे की शुरुआत कर दी है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में यही छोटे-छोटे कब्जे फिर बड़े अतिक्रमण का रूप ले सकते हैं।सबसे बड़ा सवाल नगर पालिका और संबंधित जिम्मेदार विभागों की निगरानी व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। अतिक्रमण हटाने के बाद उसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए नियमित निगरानी जरूरी है, लेकिन मौजूदा स्थिति यह सवाल खड़ा कर रही है कि आखिर दोबारा अस्थायी निर्माण कैसे शुरू हो गया।स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोक दिया जाए तो प्रशासन को बाद में बड़े अभियान और भारी संसाधन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अन्यथा जिस अतिक्रमण को हटाने में प्रशासन को पहले ही काफी मशक्कत करनी पड़ी थी, उसे दोबारा हटाना आने वाले समय में फिर बड़ी चुनौती बन सकता है।अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग इस बार अतिक्रमण को शुरुआती दौर में ही रोकने के लिए कदम उठाते हैं या फिर सार्वजनिक फुटपाथ पर कब्जे के पूरी तरह फैलने का इंतजार किया जाएगा।
