देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र, 30 सितंबर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 02 अक्टूबर को जनपद में 157वां गांधी जयंती समारोह गरिमापूर्ण ढंग से मनाया जाएगा। कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी न्यायिक रमेश चंद्र की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गांधी जयंती पर सभी राजकीय भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। सुबह सात बजे से नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम के तहत प्लास्टिक कचरे का संग्रहण एवं निस्तारण कराने के साथ आवश्यकता के अनुसार सैनिटाइजेशन भी कराया जाएगा।
सुबह 7:30 बजे विद्यालयों में प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इसमें विद्यार्थी स्वच्छता और महात्मा गांधी के विचारों से संबंधित नारों का उद्घोष करेंगे। सुबह 8:30 बजे तिरंगा स्टेडियम में खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित कर प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
विद्यार्थियों को गांधी जी के विचारों से कराया जाएगा परिचित
सुबह नौ बजे कार्यालयों, विद्यालयों एवं अन्य संस्थानों में महात्मा गांधी के जीवन, संघर्ष, देशसेवा और जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला जाएगा। निर्बलों के कल्याण, अंत्योदय, मानसिक एवं राष्ट्रीय एकता तथा राष्ट्र की एकता-अखंडता से जुड़े गांधी जी के विचारों से लोगों को परिचित कराया जाएगा। विभिन्न विभागों में व्याख्यानमाला तथा विद्यालयों में वाद-विवाद और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
इसके अलावा दिवंगत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की पत्नियों को सम्मानित किया जाएगा। तहसील रॉबर्ट्सगंज एवं घोरावल में संबंधित अधिकारियों द्वारा सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
10 क्षय रोगियों को दी जाएगी पोषण पोटली
गांधी जयंती के अवसर पर सुबह 9:40 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय में 10 क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित की जाएगी। इसकी व्यवस्था मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में विद्यालयों एवं ग्राम पंचायतों में स्वच्छता अभियान, बाल उद्यान तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के शिला-पट्ट की साफ-सफाई एवं माल्यार्पण सहित अन्य कार्यक्रमों को निर्धारित समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लालबहादुर शास्त्री के जीवन एवं योगदान पर भी प्रकाश डालने को कहा गया।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि गांधी जयंती के सभी कार्यक्रम आपसी समन्वय के साथ गरिमापूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराए जाएं।
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