देवल संवाददाता, आजमगढ़। शहर कोतवाली के पास सोनोग्राफी सेंटर के बाहर स्थित एक प्राचीन पीपल का पेड़ 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से सुलगता रहा। मंगलवार को पेड़ की एक भारी-भरकम डाल अचानक बीच सड़क पर गिर गई। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक कार उसकी चपेट में आ गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, कार सवार चार लोग हादसे में बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने के बाद पेड़ में आग लग गई थी। खतरे को देखते हुए सोमवार दोपहर कुछ समय के लिए क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी बंद की गई थी। लोगों ने तत्काल दमकल विभाग और वन विभाग को सूचना दी थी। आरोप है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने से पेड़ दो दिनों तक सुलगता रहा। मंगलवार को दमकल विभाग की टीम आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंची। इसी दौरान पेड़ का एक बड़ा तना टूटकर अचानक सड़क पर जा गिरा। उसी समय हेमंत कुमार यादव अपनी बहन के इलाज के लिए परिवार के साथ कार से वहां से गुजर रहे थे। पेड़ का भारी तना कार पर गिरने से वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि कार सवार लोग सुरक्षित बच गए। कार चालक हेमंत कुमार यादव ने दमकल विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पेड़ से खतरा पहले से स्पष्ट था, इसके बावजूद सड़क पर न तो यातायात रोका गया और न ही बैरिकेडिंग की गई। समय रहते रास्ते को बंद कर दिया जाता तो हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने बताया कि कार में चार से अधिक लोग सवार थे और सभी की जान बाल-बाल बची। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पहली सूचना मिलने के बाद ही पेड़ की खतरनाक डालियों की छंटाई कर दी जाती अथवा मौके पर सुरक्षा घेरा बना दिया जाता तो दुर्घटना होने से बच सकती थी। लोगों ने संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले में लापरवाही की जांच की मांग की। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ में लगी आग पर पूरी तरह काबू पाया। इसके बाद सड़क पर गिरे पेड़ के मलबे को हटाकर यातायात बहाल कराया गया। घटना के दौरान सड़क पर आवागमन जारी रहने को लेकर भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं।
हाईटेंशन तार की चपेट में आने पर हुआ हादसा, स्थानीय लोगों ने दमकल और वन विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप
अगस्त 18, 2026
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