देवल संवाददाता, आजमगढ़। तहबरपुर थाना क्षेत्र के बीबीपुर गांव निवासी एक व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो गया। जालसाज ने परिचित बनकर उसे पहले ₹45,000 रुपये खाते में भेजने का फर्जी मैसेज किया और इसके बाद अपने खाते में ₹30,000 रुपये ट्रांसफर करा लिए। ठगी का एहसास होते ही पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ठगी की गई पूरी ₹30,000 की रकम होल्ड कराकर न्यायालयी प्रक्रिया के बाद पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई।
जानकारी के अनुसार, 12 जून 2026 को देवेन्द्र नाथ राय पुत्र रामलखन राय निवासी बीबीपुर को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया। उसने खुद को ‘गुप्ता जी’ बताते हुए कहा कि देवेन्द्र के पिता उसे अच्छी तरह जानते हैं। जालसाज ने बताया कि उसका एक रिश्तेदार अस्पताल में भर्ती है और वह देवेन्द्र के खाते में ₹15,000 भेज रहा है, जिसे उसके घरवालों के खाते में ट्रांसफर करना है।
कुछ देर बाद देवेन्द्र के मोबाइल पर ₹45,000 रुपये प्राप्त होने का मैसेज आया। बिना बैंक खाते का बैलेंस चेक किए उन्होंने जालसाज की बात पर भरोसा कर उसके बताए खाते में ₹30,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का एक्नॉलेजमेंट नंबर 33106260135980 था।
शिकायत की जांच उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी ने की। जांच में पता चला कि देवेन्द्र ने अपने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 12 जून को ट्रांजेक्शन नंबर 616330234470 के माध्यम से ₹30,000 रुपये जालसाज के खाते में भेजे थे।
साइबर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जालसाज के खाते में मौजूद ₹30,000 की धनराशि को होल्ड करा दिया। इसके बाद पीड़ित को आवश्यक न्यायालयी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। कोर्ट आर्डर प्राप्त होने के बाद संबंधित बैंक को ई-मेल के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्राचार किया गया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठगी की पूरी ₹30,000 की रकम पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई।
पुलिस की अपील
आजमगढ़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन कॉल, मैसेज अथवा खाते में रुपये भेजे जाने के दावे पर बिना सत्यापन विश्वास न करें। किसी के द्वारा रुपये भेजे जाने की जानकारी मिलने पर पहले अपने बैंक खाते का वास्तविक बैलेंस और स्टेटमेंट जरूर जांचें।
साइबर ठगी होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत करें। त्वरित शिकायत से ठगी की रकम को होल्ड कराने और वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।
साइबर पुलिस टीम: उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी, महिला कांस्टेबल दिव्या शुक्ला और कांस्टेबल किशन कुमार मिश्रा, थाना तहबरपुर, जनपद आजमगढ़।
