देवल संवाददाता, आजमगढ़। मंडलायुक्त विवेक की अध्यक्षता में मंगलवार को मंडलायुक्त सभागार में सीएम डैशबोर्ड पर विकास कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में आजमगढ़, मऊ और बलिया में संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने तीनों जनपदों में अपंजीकृत डॉक्टरों, क्लीनिक और अस्पतालों के खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें सीज करने के निर्देश दिए। अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लिंग परीक्षण की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रों पर केवल नामित चिकित्सक ही अल्ट्रासाउंड करें। अगले माह की बैठक से पहले सभी सीएमओ को कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
अपात्रों से होगी आवास की वसूली
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी अपात्र को आवास का लाभ नहीं मिलना चाहिए। जांच में अपात्र पाए जाने पर उनसे धनराशि की वसूली की जाए। तीनों जिलों के सीडीओ को क्षेत्र भ्रमण के दौरान आवासों का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए।
परिषदीय विद्यालयों के जर्जर भवनों को चिन्हित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने और एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा गया। विद्यालयों में शिक्षक उपलब्धता, उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन, पेयजल, शौचालय और भवन समेत सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।
प्राइवेट अस्पताल ले जाने वाली आशा पर होगी कार्रवाई
जननी सुरक्षा योजना में लंबित आवेदनों पर नाराजगी जताते हुए मंडलायुक्त ने संस्थागत प्रसव के दौरान ही लाभार्थी का बैंक खाता खुलवाकर डिस्चार्ज से पहले धनराशि खाते में भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई आशा प्रसव के लिए महिला को प्राइवेट अस्पताल ले जाती हुई पाई गई तो जांच के बाद उसकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
विद्युत विभाग की समीक्षा में शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने और कंट्रोल रूम की शिकायतों का उच्चाधिकारियों द्वारा सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे विद्युत तारों को शिफ्ट करने तथा विद्यालय परिसर या उसके समीप लगे ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने को कहा गया।
वृद्धाश्रमों में हर सप्ताह जाएंगे समाज कल्याण अधिकारी
मंडलायुक्त ने तीनों जिलों के जिला समाज कल्याण अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम एक बार वृद्धाश्रमों का भ्रमण करने के निर्देश दिए। बुजुर्गों को कपड़े, चप्पल और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने के साथ ही सीएमओ को प्रत्येक माह स्वास्थ्य शिविर लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराने को कहा गया।
दिव्यांग, विधवा और वृद्धावस्था पेंशन के पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए बीडीओ को विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए। वहीं, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में बलिया और मऊ में अधिक आवेदन निरस्त होने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। दोनों जिलों के जिला समाज कल्याण अधिकारियों का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए गए।
श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर
श्रम विभाग की समीक्षा में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और पात्र श्रमिकों के आवेदन कराकर उन्हें लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, कन्या विवाह योजना, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना तथा निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना समेत अन्य योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के तहत प्रथम दो प्रसव पर पंजीकृत पुरुष श्रमिक को छह हजार रुपये तथा महिला श्रमिक को तीन माह के न्यूनतम वेतन के साथ एक हजार रुपये चिकित्सा बोनस का प्रावधान है। पुत्री के जन्म पर 25 हजार और पुत्र के जन्म पर 20 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है।
आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति सुधारने के निर्देश
आईसीडीएस की समीक्षा में ऐसे आंगनबाड़ी केंद्रों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए जो न तो परिषदीय विद्यालय में संचालित हो रहे हैं और न ही किराये के भवन में। ऐसे केंद्र यदि खुले में या कार्यकत्री के निजी आवास पर संचालित हो रहे हैं तो उन्हें तत्काल व्यवस्थित स्थान पर संचालित कराने को कहा गया।
निराश्रित गोवंश की समीक्षा में गौशालाओं का नियमित निरीक्षण करने, उनके आसपास पौधारोपण कराने तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं का खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव के लिए टीकाकरण कराने के निर्देश दिए गए।
वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में मंडल की प्रगति पर जोर
उत्तर प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में मंडल की भूमिका को लेकर वार्षिक विकास दर और प्रति व्यक्ति वार्षिक आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में बताया गया कि आजमगढ़ की वार्षिक विकास दर 12.5 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति वार्षिक आय करीब 55 हजार रुपये, मऊ की विकास दर 18 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय करीब 59 हजार रुपये तथा बलिया की विकास दर 12.1 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय 54,247 रुपये है।
मंडलायुक्त ने अधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रों में विकास की गति बढ़ाकर सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग और ग्रेडिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी बलिया मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी मऊ आनंद वर्धन, अपर आयुक्त प्रमोद कुमार पाण्डेय, सीडीओ आजमगढ़ राकेश कुमार पटेल, सीडीओ मऊ विवेक कुमार श्रीवास्तव सहित मंडलीय और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
