नेपाल में आई अचानक बाढ़ से भीषण तबाही मची है। बाढ़ और भूस्खलन के कारण 384 से ज्यादा लोग लापता हो गए हैं, वहीं 46 लोगों की मौत गई है।
इस तबाही में नेपाल के नुवाकोट से चीन बॉर्डर तक जाने वाला एक अहम व्यापारिक मार्ग कट गया है, कई पुल बह गए हैं और नुकसान का आकलन अभी जारी है।
नुवाकोट को चीन बॉर्डर से जोड़ने वाली सड़क बनी
सड़क विभाग के अनुसार, भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने नुवाकोट के बेट्रावती को रसुवा के रसुवागढ़ी बॉर्डर क्रॉसिंग से जोड़ने वाली 42 किलोमीटर लंबी सड़क को बहा दिया है। विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जनरल शुभराज नेउपाने ने बताया कि बाढ़ के पानी ने कई जगहों पर सड़क को नष्ट कर दिया और कई क्रंक्रीट पुल बह गए।
बेट्रावती से रसुवागढ़ी बॉर्डर तक 42 km सड़क क्षतिग्रस्त
नेउपाने ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि बेट्रवती से रसुवागढ़ी बॉर्डर तक का पूरा 42 किलोमीटर का हिस्सा बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क पर बने कई कंक्रीट के पुल भी बह गए हैं। हम अभी भी नुकसान के पूरे दायरे का आकलन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्याफ्रुबेसी से बॉर्डर की ओर आगे के 16 किलोमीटर के हिस्से में नुकसान की जानकारी का अभी भी इंतजार है।
पिछले साल भी बाढ़ से सड़क को हुआ नुकसान
यह सड़क भोटेकोशी नदी के किनारे-किनारे बनी है और बाढ़ के कारण इसे बार-बार नुकसान पहुंचा है। पिछले साल भी बाढ़ से कई जगहों पर सड़क को नुकसान पहुंचा था। नेपाल-चीन बॉर्डर इलाके से बहने वाली ल्हेंडे नदी में आई बाढ़ ने मितरी पुल को भी नष्ट कर दिया था।
पिछले साल हुए नुकसान के बाद, चीन सरकार की मदद से स्याफ्रुबेसी से बॉर्डर की ओर 16 किलोमीटर के हिस्से को टू-लेन सड़क में बदलने का काम शुरू हुआ था। सड़क विभाग ने बताया कि हालिया बाढ़ ने उस हिस्से को भी बहा दिया है।
नेउपाने ने कहा कि विभाग का स्याफ्रुबेसी और बॉर्डर के बीच सड़क पर तैनात सुपरवाइजरों से भी संपर्क टूट गया है।
