देवल संवाददाता, मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं स्कूली बच्चों की सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के दृष्टिगत कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के विद्यालय प्रबंधकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्कूली वाहनों की फिटनेस,चालकों के चरित्र सत्यापन, पार्किंग व्यवस्था, यातायात नियमों के अनुपालन तथा विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक के दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सोहेल अहमद ने बताया कि जनपद में कुल 1173 विद्यालय वाहन पंजीकृत हैं,जिनमें से 1118 वाहनों की फिटनेस वैध है, जबकि 65 वाहनों की फिटनेस फेल है। उन्होंने बताया कि स्कूली बच्चों को ले जाते समय यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 78 विद्यालय वाहनों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई की गई है तथा 13 वाहनों को सीज किया गया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद ने सभी विद्यालय प्रबंधकों को निर्देशित किया कि अपने-अपने विद्यालयों में कार्यरत वाहन चालकों एवं क्लीनरों की सूची तत्काल उपलब्ध कराएं, जिससे उनका आवश्यक चरित्र सत्यापन कराया जा सके। उन्होंने विद्यालय प्रबंधकों से शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने विद्यालय प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विद्यालय वाहन चालकों के आईडी कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाए जाएं तथा शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के विपरीत किसी भी वाहन का प्रयोग न किया जाए।उन्होंने निर्देशित किया कि बिना परमिट वाले वाहनों तथा ई-रिक्शा के माध्यम से बच्चों को विद्यालय लाने-ले जाने की अनुमति किसी भी दशा में न दी जाए। वाहनों में निर्धारित सीट क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को लाने-ले जाने का कार्य केवल पंजीकृत एवं सत्यापित वाहन चालकों द्वारा ही कराया जाए। किसी अन्य व्यक्ति को स्कूली वाहन से बच्चों को लाने-ले जाने की अनुमति न दी जाए।
जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में विद्यालय सुरक्षा समिति की बैठक नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए,ताकि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विषयों की लगातार समीक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय परिसर में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। सड़क के किनारे स्कूली वाहनों की पार्किंग पाए जाने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।शहर में यातायात व्यवस्था एवं जाम की समस्या को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधकों को निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों की छुट्टी एक ही समय पर न की जाए। विद्यालय प्रबंधन आपसी समन्वय से छुट्टी के समय में आवश्यक व्यवस्था करें,जिससे मुख्य मार्गों पर अनावश्यक भीड़ एवं जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।उन्होंने सभी स्कूली वाहनों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कैमरे लगाए जाने से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल जानकारी प्राप्त करने और आवश्यक कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी।जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए यातायात एवं सुरक्षा मानकों का पूरी गंभीरता से पालन करें। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि स्कूली वाहनों की नियमित जांच एवं नियमों के अनुपालन की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष उपाध्याय, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सोहेल अहमद,जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद सहित जनपद के विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
