देवल संवाददाता, आजमगढ़। सोमवार की रात आजमगढ़ में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। रातभर हुई तेज बारिश के बाद मंगलवार सुबह भी रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहा। इससे शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कें पानी से लबालब हो गईं और लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश के कारण वाहन चालकों के लिए भी परेशानी बढ़ गई। कई स्थानों पर सड़क पर पानी और फिसलन के चलते दुर्घटना का खतरा बना रहा।
इटौरा में सड़क किनारे पलटा मालवाहक ट्रक
लगातार बारिश के बीच सिधारी थाना क्षेत्र के इटौरा में मंगलवार की रात एक मालवाहक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। बताया जा रहा है कि तेज बारिश के कारण सड़क की स्थिति खराब और फिसलन भरी थी। इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया।
ट्रक के पलटने की जानकारी मिलते ही मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। ट्रक सड़क किनारे पलटने के कारण कुछ समय तक आवागमन प्रभावित रहा। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।
बारिश के कारण सड़क पर फिसलन और जगह-जगह पानी जमा होने से वाहन चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है। पुलिस ने भी स्थिति का जायजा लिया।
ब्रह्मस्थान में बिजली के तारों पर गिरा विशाल पेड़
दूसरी ओर, आजमगढ़ शहर के ब्रह्मस्थान क्षेत्र में सुखदेव पहलवान स्टेडियम के सामने बारिश और मौसम के असर से एक बड़ा पेड़ जड़ समेत उखड़कर बिजली के तारों के साथ सड़क पर गिर गया। पेड़ की चपेट में सड़क किनारे लगी दो छोटी घूमती दुकानों के आने से उन्हें भी नुकसान पहुंचा। अचानक पेड़ गिरने से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
पेड़ के बिजली के तारों पर गिरने के कारण हादसे की स्थिति और गंभीर हो गई थी। हालांकि गनीमत रही कि पेड़ की चपेट में आने से किसी व्यक्ति को चोट नहीं लगी। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना संबंधित लोगों को दी। इसके बाद पेड़ को काटकर सड़क से हटाया गया, जिससे आवागमन सुचारू हो सका।
बारिश के दौरान बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से करंट उतरने का खतरा भी बना रहा। ऐसे में लोगों को घटनास्थल से दूर रखा गया और रास्ता साफ कराया गया।
बारिश के चलते डीएम ने परिषदीय विद्यालयों में छुट्टी के दिए निर्देश
सोमवार रात से लगातार हो रही बारिश और मंगलवार सुबह बनी स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने परिषदीय विद्यालयों में छुट्टी के निर्देश दिए। हालांकि आदेश सुबह करीब आठ से साढ़े आठ बजे के आसपास विद्यालयों तक पहुंच सका। उस समय तक कई स्कूलों में बच्चे और शिक्षक पहुंच चुके थे।
निर्देश मिलने के बाद बच्चों को तत्काल घर भेजने के लिए कहा गया, जबकि शिक्षकों को विद्यालय में रहने के निर्देश दिए गए। बारिश के कारण कई ग्रामीण इलाकों में विद्यालयों तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी पानी भर गया था।
तालाब, पोखर और खेत लबालब
लगातार बारिश से शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात बिगड़ते नजर आए। तालाब और पोखर पानी से भर गए हैं, जबकि खेतों में भी बारिश का पानी जमा हो गया है। कई संपर्क मार्गों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कुछ जगहों पर पानी स्कूलों के आसपास तक पहुंच गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह एक-दो बार और तेज बारिश हुई तो कई विद्यालयों में पानी घुस सकता है। इससे बच्चों और शिक्षकों के साथ-साथ स्कूल भवन और विद्यालय में रखे सामान को भी नुकसान का खतरा है।
रुक-रुककर बारिश ने बढ़ाई मुश्किल
मंगलवार सुबह से ही रुक-रुककर बारिश जारी रहने से लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुईं। जरूरी काम से घर से निकलने वाले लोगों को जलभराव और फिसलन के बीच आवागमन करना पड़ा। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई।
लगातार बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की भी परीक्षा ले ली है। कई स्थानों पर पानी की निकासी धीमी होने से सड़कें जलमग्न नजर आईं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में खेत और निचले इलाकों में पानी जमा होने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
फिलहाल बारिश का दौर जारी रहने से प्रशासन के सामने जलभराव, विद्युत व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुचारू रखने की चुनौती बनी हुई है। लोगों को भी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी से गुजरने की जरूरत है।
