देवल संवाददाता,बलिया कलक्ट्रेट में सोमवार को भारतीय मजदूर संघ के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित 22 सूत्रीय मांग पत्र डीएम प्रतिनिधि को सौंपा। संघ के सदस्यों ने कहा कि मजदूर और कर्मचारी वर्तमान में महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी उपेक्षा के कारण अत्यधिक परेशान हैं। उन्होंने सरकार से इन समस्याओं पर तत्काल ध्यान देने की अपील की।
संघ की प्रमुख मांगों में आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से लागू करना और न्यूनतम वेतनमान 72 हजार रुपये निर्धारित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, बीएसएनएल में वर्ष 2017 से लंबित सातवें वेतनमान को शीघ्र लागू करने की मांग की गई। पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और ईपीएस-95 पेंशन में वृद्धि कर उसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जोड़ने की भी मांग की गई।
आशा कार्यकर्ताओं का न्यूनतम मानदेय 18 हजार रुपये और आशा संगिनी का 24 हजार रुपये करने के साथ उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को नियमित करते हुए न्यूनतम मानदेय 18 हजार रुपये और सामाजिक सुरक्षा देने की भी मांग की गई।
यूपी परिवहन निगम में कार्यरत संविदा कर्मियों को रिक्तियों के अनुरूप नियमित करने और मृतक आश्रित कोटे से भर्ती के लिए शासन की अनुमति की बाध्यता समाप्त करने की मांग की गई। पटरी और रेहड़ी दुकानदारों को समुचित स्थान तथा ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों को स्टैंड उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।
एनएचएम के सभी संविदा कर्मियों की बीमा, स्थानांतरण और वेतन विसंगतियों की समस्याओं का समाधान करने तथा एएमएस को हटाने की मांग की गई। 108 और 102 एंबुलेंस के बर्खास्त कर्मियों की बहाली और ड्राफ्ट व उगाही को बंद करने की भी बात कही गई। ई-रिक्शा चालक, ऑटो चालक, धोबी, दर्जी, बढ़ई, लोहार, मोची और कुम्हार को मजदूर की श्रेणी में शामिल कर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई।
बैंकों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था शीघ्र लागू करने और प्रदेश के समस्त जिला सहकारी बैंकों का लंबित वेतनमान पुनरीक्षण शीघ्र करने की मांग की गई। कृषि ग्रामीण और दिहाड़ी मजदूरों का पारिश्रमिक तय करने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की गई।
नगर निगमों में स्थायी सफाई कर्मियों की भर्ती और संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग की गई। नगर निगम प्राधिकरण, जलकल एवं स्वायत्तशासी संस्थाओं के चालकों की पदोन्नति और उनके कैडर पुनर्गठन की भी मांग की गई। मिड-डे मील कर्मचारियों का मानदेय 10 हजार रुपये करने और पत्रकारों/श्रमजीवी पत्रकारों को सुरक्षा बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी शामिल थी।
सरकारी विभागों में रिक्तियों को भरने के लिए नई भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने की मांग की गई। श्रम विभाग से संबंधित कमेटियों, बोर्डों और परामर्शदात्री समितियों का गठन कर श्रम संघों को प्रतिनिधित्व देने की भी मांग की गई। अंत में, वर्ष 2023 की सांकेतिक हड़ताल में शामिल भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध ऊर्जा विभाग में कार्यरत यूनियनों के पदाधिकारियों पर की गई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई समाप्त करने की मांग की गई।
