देवल संवाददाता, मऊ। मुख्य विकास अधिकारी श्री विवेक कुमार श्रीवास्तव द्वारा प्रातः 8:10 बजे कंपोजिट विद्यालय शाहपुर विकास खंड कोपागंज का औचक निरीक्षण किया गया। विद्यालय में 09 अध्यापक एवं 01 अनुदेशक की तैनाती है। निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक सहित 09 के सापेक्ष 08 अध्यापक उपस्थित मिले तथा सभी अपने-अपने कक्षाओं में शिक्षण कार्य करते पाए गए। एक अध्यापक कोपागंज बीआरसी पर प्रशिक्षण में गया हुआ था। अनुदेशक को बीएसए कार्यालय से संबद्ध बताया गया। विद्यालय में अध्यापकों की उपस्थिति संतोषजनक पाई गई। विद्यालय में नामांकित बच्चों की अपेक्षा छात्र उपस्थिति कम पाई गई। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने अध्यापकों को अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने तथा उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। बच्चों के निर्धारित ड्रेस में विद्यालय न आने पर भी अभिभावकों एवं बच्चों से संपर्क कर उन्हें ड्रेस में विद्यालय आने के लिए प्रेरित करने को कहा गया।प्रत्येक कक्षा के बच्चों से आलेख एवं अंकगणित से संबंधित प्रश्न पूछे गए,जिनका अधिकांश बच्चों द्वारा सही उत्तर दिया गया।अध्यापकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने एवं बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। विद्यालय परिसर,शौचालय एवं हैंडवॉश स्थल की साफ-सफाई मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी,कोपागंज को तत्काल सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए तथा प्रधानाध्यापक को सख्त चेतावनी दी। विद्यालय में 05 रसोइया कार्यरत हैं। रसोईघर साफ-सुथरा पाया गया,किंतु भोजन लकड़ी से बनाया जा रहा था। विद्यालय में उपलब्ध दोनों गैस सिलेंडर खाली पाए गए।बताया गया कि विद्यालय में इंडियन गैस का कनेक्शन है, जबकि उपलब्ध सिलेंडर एचपी के हैं,जिसके कारण गैस नहीं मिल पा रही है। मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी,कोपागंज को एचपी के सिलेंडर को तत्काल इंडियन गैस के सिलेंडर से बदलवाकर विद्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विद्यालय में संचालित 02 आंगनबाड़ी केंद्रों पर निरीक्षण के समय कार्यकर्ती एवं सहायिका उपस्थित नहीं मिलीं।बच्चे कमरे के बाहर बैठे पाए गए। बाद में कार्यकर्ती एवं सहायिका विलंब से उपस्थित हुईं। दोनों केंद्रों पर केंद्र का नाम भी अंकित नहीं पाया गया। कार्यकर्ती एवं सहायिका के विलंब से उपस्थित होने के संबंध में मुख्य विकास अधिकारी ने बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) को स्पष्टीकरण प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
