आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। चर्चित दुल्हा आजाद बिंद हत्याकांड में फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी आरोपी भोले राजभर ने बुधवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के बाद अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। आरोपी के सरेंडर के साथ ही पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी अभियान को लेकर कई सवाल भी उठने लगे हैं।
गौरतलब है कि एक मई को खेतासराय थाना क्षेत्र में दुल्हा आजाद बिंद की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के पीछे पुरानी रंजिश को वजह बताया गया था। वारदात के बाद परिजनों की तहरीर पर कई लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मुख्य आरोपी भोले राजभर की गिरफ्तारी न होने पर उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस लगातार यह दावा कर रही थी कि आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन इन दावों के बीच भोले राजभर पुलिस के हाथ नहीं लगा और सीधे अदालत पहुंचकर आत्मसमर्पण करने में सफल रहा।
आरोपी के सरेंडर के बाद जिले में यह चर्चा तेज हो गई कि जब वह न्यायालय तक पहुंच सकता था, तो पुलिस उसे पहले गिरफ्तार क्यों नहीं कर सकी। पुलिस की सक्रियता और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
इधर, कलेक्ट्रेट परिसर में आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठी मृतक दुल्हा आजाद बिंद की बहन को जैसे ही भोले राजभर के आत्मसमर्पण की सूचना मिली, वह भावुक होकर रोने लगी। परिजनों ने कहा कि वे चाहते थे कि पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करती, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर आम लोगों का विश्वास और मजबूत होता।
फिलहाल भोले राजभर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस इस बहुचर्चित हत्याकांड में फरार अन्य आरोपियों के खिलाफ कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
.jpeg)