आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा विभाग की जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में परिषदीय विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, स्वच्छता, विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को प्रतिदिन कम से कम पांच विद्यालयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, मध्यान्ह भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए। साथ ही मध्यान्ह भोजन के साथ बच्चों को मौसमी फल उपलब्ध कराने और स्कूल छोड़ चुके बच्चों (ड्रॉपआउट) की संख्या कम करने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया।
उन्होंने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत पात्र बच्चों का अधिक से अधिक नामांकन सुनिश्चित करने, बिना बाउंड्री वॉल वाले विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा विद्यार्थियों में नैतिक शिक्षा, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
बैठक में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने विद्यालयों में सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, गुड टच-बैड टच, अग्नि सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, अजनबियों से सतर्क रहने और किशोरियों को माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य संबंधी समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गंगाराम गौतम को अगले छह माह के भीतर सभी परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की नेत्र जांच कराने, कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल का वितरण, शत-प्रतिशत पोलियो टीकाकरण सुनिश्चित करने तथा कुपोषण और टीबी के लक्षण वाले बच्चों की समय रहते पहचान कर उनका उपचार कराने के निर्देश दिए।
इसके अलावा सभी विद्यालयों में किचन गार्डन विकसित करने, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण कराने, जर्जर भवनों में पढ़ाई पूरी तरह बंद करने, जलभराव की समस्या का समाधान कराने, आउटसोर्स कर्मचारियों का समय पर वेतन देने और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित देयों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करना होगा।
