आमिर, देवल ब्यूरो ,सरायख्वाजा (जौनपुर)। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर ने आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल की है। महाविद्यालय के सर्जरी विभाग की यूरोलॉजी टीम ने पहली बार दूरबीन विधि (पीसीएनएल) के माध्यम से एक मरीज के बाएं गुर्दे की पथरी का सफल ऑपरेशन कर उसे नई जिंदगी दी। इस उपलब्धि से अब जनपद के मरीजों को ऐसे उपचार के लिए बड़े शहरों के अस्पतालों का रुख कम करना पड़ेगा, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. आर.बी. कमल के निर्देशन तथा जनरल सर्जरी विभागाध्यक्ष एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. ए.ए. जाफरी के मार्गदर्शन में यह सफल शल्य चिकित्सा संपन्न हुई।
जानकारी के अनुसार, बदलापुर तहसील के डड़वा, खालिसपुर निवासी शिव निषाद (45 वर्ष) को पेट में तेज दर्द की शिकायत होने पर मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी विभाग में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान यूरोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु सिंह और डॉ. अभिषेक मिश्रा ने पाया कि मरीज के बाएं गुर्दे में लगभग 1.5 सेंटीमीटर की पथरी है, जिसके बाद ऑपरेशन का निर्णय लिया गया।
परिजनों की सहमति मिलने के बाद यूरोलॉजी टीम ने आधुनिक उपकरणों की सहायता से पीसीएनएल (Percutaneous Nephrolithotomy) तकनीक का इस्तेमाल करते हुए बिना बड़े चीरे के सफल ऑपरेशन किया और गुर्दे से पथरी निकाल दी। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत सामान्य है और वह चिकित्सकों की निगरानी में उपचार प्राप्त कर रहा है।
इस जटिल शल्य चिकित्सा में डॉ. इमरान, डॉ. नाजिया, डॉ. राजन्य प्रजापति, डॉ. अली हैदर, डॉ. अरविंद तथा एनेस्थेटिस्ट डॉ. अनिल सहित नर्सिंग अधिकारी अनुज और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस सफलता पर प्रधानाचार्य प्रो. आर.बी. कमल ने सर्जरी और एनेस्थीसिया विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है, ताकि जौनपुर और आसपास के लोगों को उच्च स्तरीय उपचार स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी संस्थान जटिल और उन्नत शल्य चिकित्सा सेवाएं मरीजों को उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा।
