देवल संवाददाता, मऊ। स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत जिला गंगा समिति,मऊ द्वारा गंगा ग्राम गौरीडीह, दोहरीघाट स्थित एस.बी. बाल विद्या मंदिर के प्रांगण में घाघरा महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नदियों की स्वच्छता,निर्मलता एवं अविरलता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा विद्यार्थियों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व ग्राम प्रधान कोरौली अमीचंद यादव,पूर्व प्रधान कुरंगा मोहन दुबे,पूर्व प्रधान गौरीडीह अभय कुमार राय,क्षेत्र वनाधिकारी,रेंज दोहरीघाट सतवंत कुमार तथा विद्यालय संरक्षक रमाकांत यादव ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. हेमंत यादव,जिला परियोजना अधिकारी,जिला गंगा समिति, मऊ ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से महात्मा गांधी के स्वच्छता एवं सेवा के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा अपने परिवार और समाज को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं से अपील की कि हेयर क्लिप,रबर बैंड एवं अन्य प्लास्टिक सामग्री को खुले में न फेंकें तथा निर्धारित नीले गार्बेज बॉक्स में ही डालें।कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा Save Mother Earth,Tik-Tik Say No to Plastic,गंगा पुकार रही है,जिस देश में गंगा रहती है तथा धार निर्मल बहे सहित विभिन्न सांस्कृतिक एवं जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से नदी स्वच्छता,प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण, वृक्षारोपण तथा जल संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में लोक गायिका मंजू चौहान ने पर्यावरण संरक्षण पर भोजपुरी लोकगीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को भाव-विभोर किया। पर्यावरण के प्रदूषण से बचइबा कि ना बोला-बोला मोर सजनवा,तू पेड़वा लगइबा कि ना। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नदी स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संदेश दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में पूजा सिंह,सृष्टि यादव,बृजेश कुमार सिंह,प्रबंधक रामध्यान यादव सहित विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अन्य प्रतिभागियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
