देवल संवाददाता, मऊ। भारतेंदु नाट्य अकादमी की स्वर्ण जयंती के अवसर पर आज नगर पालिका कम्युनिटी हॉल, मऊ में हिंदी साहित्य के महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित प्रसिद्ध नाटक ‘बड़े भाई साहब’ का भव्य मंचन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला भाजपा अध्यक्ष रामाश्रय मौर्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संस्कृति निदेशालय,लखनऊ द्वारा नामित नाट्य दल ने अपनी उत्कृष्ट अभिनय क्षमता,प्रभावशाली संवाद अदायगी और सजीव मंचन के माध्यम से उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। नाटक की प्रस्तुति ने सभागार में उपस्थित लोगों को साहित्य,कला और रंगमंच की समृद्ध परंपरा से जोड़ते हुए एक यादगार सांस्कृतिक अनुभव प्रदान किया। भारतेंदु नाट्य अकादमी की स्वर्ण जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य रंगमंचीय कला,हिंदी साहित्य तथा सांस्कृतिक अभिव्यक्ति की परंपरा को प्रोत्साहित करने की भावना से जुड़ा रहा। इस अवसर पर मुंशी प्रेमचंद की चर्चित रचना ‘बड़े भाई साहब’ का चयन विशेष महत्त्व रखता है। प्रेमचंद की रचनाएं सामान्य जनजीवन, पारिवारिक संबंधों,सामाजिक परिस्थितियों और मानवीय संवेदनाओं को सहज एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती हैं। उनकी रचनाओं की यही विशेषता उन्हें आज भी प्रासंगिक बनाए हुए है। मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी पर आधारित ‘बड़े भाई साहब’ में दो भाइयों के संबंधों,शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण, अनुशासन,अनुभव और बाल मनोविज्ञान को रोचक एवं प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया। नाटक में बड़े भाई के गंभीर स्वभाव, छोटे भाई की चंचलता तथा दोनों के बीच होने वाले संवादों के माध्यम से जीवन के महत्त्वपूर्ण पहलुओं को सहज हास्य के साथ उभारा गया।इसकी कथा दर्शकों को मनोरंजन प्रदान करने के साथ-साथ शिक्षा, जिम्मेदारी,आपसी स्नेह और जीवन के अनुभवों के महत्त्व पर विचार करने का अवसर भी देती है। नाटक के कलाकारों ने अपने पात्रों के अनुरूप भाव-भंगिमाओं, संवादों और अभिनय का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। मंच पर प्रस्तुत विभिन्न प्रसंगों ने दर्शकों को कहानी से जोड़े रखा। नाटक की सहजता,हास्यपूर्ण स्थितियों और भावनात्मक पक्ष ने उपस्थित लोगों को विशेष रूप से प्रभावित किया। कलाकारों की सशक्त प्रस्तुति के कारण दर्शकों ने नाटक का भरपूर आनंद लिया और कार्यक्रम के प्रति प्रसन्नता व्यक्त की। संस्कृति निदेशालय, लखनऊ द्वारा नामित नाट्य दल की प्रस्तुति में अभिनय,संवाद और मंचीय अभिव्यक्ति का सुंदर समन्वय देखने को मिला। कलाकारों ने मुंशी प्रेमचंद की रचना की मूल संवेदना को मंच पर जीवंत करने का सराहनीय प्रयास किया। नाटक की प्रस्तुति के दौरान दर्शकों की रुचि और सहभागिता बनी रही। कार्यक्रम का वातावरण साहित्यिक एवं सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है,बल्कि यह समाज को शिक्षित करने,मानवीय मूल्यों को मजबूत बनाने और साहित्यिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावशाली माध्यम भी है। साहित्यिक कृतियों का मंचन नई पीढ़ी को हिंदी साहित्य के महान रचनाकारों तथा उनकी कालजयी रचनाओं से परिचित कराने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।भारतेंदु नाट्य अकादमी की स्वर्ण जयंती के अवसर पर आयोजित यह नाट्य प्रस्तुति मऊ जनपद के सांस्कृतिक वातावरण को समृद्ध करने की दिशा में एक सराहनीय पहल रही। ‘बड़े भाई साहब’ के सफल मंचन ने दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा, अनुशासन,पारिवारिक स्नेह और मानवीय संबंधों के महत्त्व का संदेश दिया। कार्यक्रम में नाट्य दल के कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की गई तथा उपस्थित दर्शक इस उत्कृष्ट सांस्कृतिक आयोजन से प्रसन्न नजर आए।
भारतेंदु नाट्य अकादमी की स्वर्ण जयंती के अवसर पर मऊ में हुआ ‘बड़े भाई साहब’ नाटक का भव्य मंचन
अक्टूबर 16, 2026
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