देवल संवाददाता, मऊ। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर जिलाधिकारी श्री आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों एवं निर्धारित तिथियों की जानकारी देते हुए आवश्यक निर्देश दिए।बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 के आधार पर निर्वाचक नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कराया जाना है। इसके अंतर्गत बूथों के संभाजन का कार्य 2 नवंबर 2026 तक पूर्ण किया जाना है। ऐसे बूथ,जहां मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक है, उनका संभाजन किया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि 19 से 25 अक्टूबर 2026 तक बूथों के संभाजन के संबंध में अपनी आपत्तियां एवं सुझाव निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध करा दें, ताकि उनका निस्तारण करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा सके और प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को प्रेषित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 नवंबर 2026 को ड्राफ्ट निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा। इसके उपरांत 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा तथा 4 जनवरी 2027 को अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा।उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं के नाम निर्वाचक नामावली में शामिल कराने में सहयोग करें। विशेष रूप से महिला मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे मतदाता सूची में जेंडर रेशियो में सुधार लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने 12 नवंबर से 11 दिसंबर के बीच अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं के फॉर्म-6 भरवाने की अपील की।जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे मतदाता, जिनकी मृत्यु हो चुकी है,जो डुप्लीकेट मतदाता हैं अथवा अन्य कारणों से निर्वाचक नामावली में नाम बनाए रखने के पात्र नहीं हैं, उनके संबंध में निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-7 समय से उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को निर्देश दिए कि मतदाता सूची में डुप्लीकेट प्रविष्टियों की सघन जांच करते हुए सभी आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें,ताकि शुद्ध एवं त्रुटिरहित निर्वाचक नामावली तैयार की जा सके।जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी राजनीतिक दलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप सक्रिय सहयोग प्रदान करने तथा पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए जागरूकता बढ़ाने की अपील की।बैठक में समस्त उपजिलाधिकारी तथा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
