‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर होगी धान की खरीद
कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत धान खरीद की नीति निर्धारित कर दी गई है। निर्धारित नीति के अनुसार जनपद में धान खरीद 01 नवम्बर, 2026 से 28 फरवरी, 2027 तक की जाएगी। इस वर्ष धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,441 प्रति कुंतल तथा धान ग्रेड-ए का ₹2,461 प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है।
धान क्रय केंद्र प्रातः 09:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक संचालित होंगे। रविवार एवं राजपत्रित अवकाश को छोड़कर अन्य कार्यदिवसों में क्रय केंद्र खुले रहेंगे। स्थानीय अवकाश एवं द्वितीय शनिवार को भी क्रय केंद्रों पर धान खरीद की जाएगी।
धान खरीद के लिए भारत सरकार की एग्रीस्टैक योजना के अंतर्गत प्रदेश में तैयार की गई किसानों की फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) के आधार पर खरीद की जाएगी। जिन किसानों के पास फार्मर आईडी उपलब्ध होगी, उन्हें विभागीय पोर्टल पर अलग से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। जिन किसानों के पास फार्मर आईडी उपलब्ध नहीं है, वे अपरिहार्य परिस्थितियों में खाद्य विभाग की वेबसाइट Fcs.up.gov.in पर खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए एक बार ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे।
ऑनलाइन भूलेख उपलब्ध होने की स्थिति में किसान के आधार कार्ड में अंकित नाम एवं खतौनी में दर्ज नाम का कम से कम 70 प्रतिशत मिलान होना आवश्यक होगा। किसानों का पंजीकरण आधार संख्या, भूलेख तथा पंजीकरण के समय दर्ज मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी के आधार पर किया जाएगा।
शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार बटाईदारों द्वारा विक्रय किए गए धान के मूल्य का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में किया जाएगा। एक बटाईदार से अधिकतम 100 कुंतल धान की खरीद की जाएगी।
धान खरीद वर्ष 2026-27 में किसानों के पंजीकरण प्रपत्र सीधे संबंधित लेखपाल की लॉगिन पर भेजे जाएंगे। भूमि के रकबे के अनुसार सत्यापन की व्यवस्था निर्धारित की गई है। इसके अंतर्गत सीमांत कृषकों की भूमि का सत्यापन लेखपाल द्वारा, लघु एवं अन्य कृषकों की तीन हेक्टेयर तक की भूमि का सत्यापन संबंधित तहसीलदार द्वारा तथा तीन हेक्टेयर से अधिक और पांच हेक्टेयर तक की भूमि का सत्यापन संबंधित उप जिलाधिकारी द्वारा किया जाएगा। पांच हेक्टेयर से अधिक भूमि के सत्यापन की जिम्मेदारी भी संबंधित उप जिलाधिकारी की होगी।
क्रय केंद्रों पर किसानों से धान की खरीद ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के सिद्धांत पर की जाएगी। यदि किसी क्रय केंद्र पर उसकी निर्धारित दैनिक खरीद क्षमता से अधिक किसान पहुंचते हैं, तो किसानों की सुविधा के लिए ऑफलाइन टोकन की व्यवस्था की जाएगी। इससे धान खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित, पारदर्शी एवं सुचारु रूप से संचालित करने में सहायता मिलेगी।
