कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।अंबेडकर नगर जनपद में ग्राम पंचायतों को मिलने वाली विकास निधियों के दुरुपयोग पर लगाम लगने के बाद अब ग्राम सभाओं में विकास कार्यों की रफ्तार तेज हो गई है। पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने से लगभग सभी ग्राम सभाओं के बैंक खातों से विकास कार्यों के लिए राशि निकालकर योजनाओं पर खर्च की जा रही है।स्थानीय प्रशासन और पंचायती राज विभाग के अनुसार, पहले विकास निधियों के गलत इस्तेमाल की शिकायतें आम थीं। अब सख्त निगरानी, सोशल ऑडिट और ग्राम सभाओं की सक्रिय भागीदारी से यह प्रवृत्ति लगभग समाप्त हो गई है।विकासखंड कटेहरी के ग्राम पंचायत सारंगपुर में प्रशासक के रूप में तैनात ग्राम पंचायत सचिव मांडवी उपाध्याय के कार्यकाल में विकास की ऐसी लहर आई है कि पिछले पांच वर्षों में ग्राम सभा के चुने हुए प्रधानों के शासनकाल में जितना काम नहीं हुआ, उतना काम महज कुछ ही समय में हो गया। इतना ही नहीं, इस तीव्र विकास कार्यों के चलते ग्राम सभा के खाते लगभग शून्य के स्तर पर पहुंच गए हैं।जनपद में प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद विकास की रफ्तार अचानक बहुत तेज हो गई है। जिले की लगभग सभी पंचायतों की ढाणी राशि इस तेज विकास की भेंट चढ़कर लगभग खत्म होने के कगार पर आ चुकी है। इस समय सबसे बड़ा खेल राम जी राम योजना के तहत खेला जा रहा है, जिसके माध्यम से बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य और भुगतान हो रहे हैं।ग्रामीणों के अनुसार, होलिका दहन स्थल से हनुमान मंदिर तक इंटरलॉकिंग सड़क बनाने के लिए कुंज इंटरप्राइजेज को ₹1.65 लाख का भुगतान किया गया। रमेश के घर की ओर जाने वाले रास्ते पर अवध कंस्ट्रक्शन को दो किस्तों में ₹74,545 तथा ₹62,611 दिए गए। जनार्दन के घर का रास्ता बनाने के नाम पर ₹74,870 तथा पिंटू के घर की गली में गिरजा एंटरप्राइजेज को ₹1,48,791 का भुगतान हुआ। इन कार्यों के माध्यम से लगभग 10 लाख रुपये का बजट विकास कार्यों में खर्च हो गया।गौरतलब है कि पिछले पांच वर्षों में ग्राम सभा के खातों में जमा राशि और स्वीकृत योजनाओं के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर इंटरलॉकिंग सड़कों और गलियों का निर्माण नहीं हो पाया था। प्रशासक मांडवी उपाध्याय के कार्यभार संभालते ही फाइलों पर तेजी से कार्रवाई हुई और भुगतान भी त्वरित गति से हुए। इस पूरे प्रक्रिया में एडीओ पंचायत दुर्गा प्रसाद पांडेय तथा खंड विकास अधिकारी जगन्नाथ वर्मा के अनुमोदन और हस्ताक्षर भी शामिल रहे।ग्रामीणों का कहना है कि पहले टांडा में भी मांडवी उपाध्याय के कार्यकाल में कई विकास संबंधी कार्य हुए थे। अब कटेहरी में आकर उन्होंने सारंगपुर ग्राम सभा को विकास की नई ऊंचाई दी है। खातों में लगभग शून्य शेष रह जाना इसी बात का प्रमाण है कि स्वीकृत बजट को विकास कार्यों में पूरी तरह झोंक दिया गया।मामले की जानकारी मिलने के बाद कुछ शिकायतकर्ताओं ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) से निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब देखना यह है कि जांच में इन विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है। फिलहाल गांव वाले यही कह रहे हैं कि पांच साल में जो काम नहीं हुआ, वह प्रशासक के आने के बाद पलक झपकते पूरा हो गया, ग्राम सभा के खाते लगभग खाली हो गए और जिले भर में राम जी राम योजना के तहत विकास का यह सिलसिला जारी है।
प्रधान जी देखते रहे… सचिव बाजी मार गईं! कटेहरी की पंचायतों में विकास की रफ्तार इतनी तेज कि ढाणी राशि लगभग खत्म
अक्टूबर 13, 2026
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