देवल संवाददाता, मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में जिला को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कमेटी (DCDC) की बैठक कैंप कार्यालय स्थित सभागार में संपन्न हुई। बैठक के दौरान सहकारिता, मत्स्य एवं दुग्ध विभाग में नवगठित सहकारी समितियों के अनुमोदन सहित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में एआर कोऑपरेटिव द्वारा अवगत कराया गया कि सहकारिता विभाग में कुल 12 नई बी-पैक्स समितियां गठित की गई हैं,जिनमें से 06 समितियों का अनुमोदन कमेटी की विगत बैठक में किया जा चुका है। शेष 06 समितियों के अनुमोदन का प्रस्ताव कमेटी के समक्ष रखा गया। इनमें विकासखंड मोहम्मदाबाद गोहना की देवशीपुर,रानीपुर की मिर्जापुर, कोपागंज की महुआर एवं बासगीतिया,रानीपुर की बरवा एवं जायगवां तथा दोहरीघाट की पिरसुई अहीलाशपुर समितियां शामिल हैं। जिलाधिकारी ने प्रस्तावित समितियों के अनुमोदन पर सहमति प्रदान की।इसी प्रकार मत्स्य विभाग में कुल 11 समितियां गठित होने की जानकारी दी गई। वर्ष 2026 में गठित एक समिति का अनुमोदन DCDC कमेटी द्वारा किया जा चुका है।दुग्ध विभाग की समीक्षा के दौरान एआर कोऑपरेटिव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में नंद बाबा योजना के अंतर्गत 10 पंजीकृत समितियां गठित की गई हैं। इनमें विकासखंड दोहरीघाट की मिश्रौली,बरईं,मियांपुर, कुरंगा,महाबलपुर एवं चक मानव उर्फ दरगाह,बड़रांव की मजार खुर्द,घोसी की मनकापुर जमीन हाजीपुर, परदहा की पहाड़पुर, मोहम्मदाबाद गोहना की टेकाई तथा फतेहपुर मंडाव की खैरा नासिर समितियां शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि सहकारिता विभाग में वर्तमान में नवगठित बी-पैक्स समितियों को सम्मिलित करते हुए कुल 105 बी-पैक्स समितियों का डाटा एनसीडी पोर्टल पर फीड किया जा चुका है।अन्य भंडारण योजना के अंतर्गत क्रय-विक्रय एवं प्रक्रियात्मक सहकारी समिति लिमिटेड,घोसी में कम से कम 2500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम के निर्माण संबंधी प्रस्ताव पर भी समिति द्वारा विचार-विमर्श किया गया।
वित्तीय रूप से कमजोर पूर्व में निबंधित समितियों को बी-पैक्स उन्नयन योजना के अंतर्गत चयनित 30 समितियों के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से चयनित समितियों का नियमानुसार स्थलीय सत्यापन/जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही समितियों पर कराए जाने वाले कार्यों के लिए आवश्यक एस्टीमेट तैयार कर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में बी-पैक्स समितियों पर पशु औषधि विक्रय केंद्रों की स्थापना की भी समीक्षा की गई। इस दौरान कम संख्या में केंद्र स्थापित होने पर एआर कोऑपरेटिव द्वारा बताया गया कि निर्धारित आवश्यक शर्तों एवं नियमानुसार फार्मासिस्ट उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। जिलाधिकारी ने एआर कोऑपरेटिव एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को पशु औषधि विक्रय केंद्रों के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा उनसे होने वाले लाभों की जानकारी आमजन एवं संबंधित लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए,ताकि अधिक से अधिक फार्मासिस्ट इन केंद्रों की स्थापना के लिए आगे आ सकें।
जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को जनपद की गौशालाओं की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासन की मंशा के अनुरूप सभी गौशालाओं में पर्याप्त भूसा,हरा चारा,पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि सहकारी समितियों को प्रभावी एवं आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना प्राथमिकता है। संबंधित अधिकारी समितियों के गठन,अनुमोदन एवं उन्नयन से संबंधित कार्यों को नियमानुसार एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी,मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी,एआर कोऑपरेटिव, सहायक निदेशक मत्स्य सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
