देवल संवाददाता, मऊ। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के शासी निकाय की बैठक जिलाधिकारी श्री आनंद वर्धन की अध्यक्षता में कल देर शाम कैंप कार्यालय स्थित सभागार में संपन्न हुई। बैठक में पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी सहित डूडा से संबंधित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा के दौरान बैंकों द्वारा ऋण आवेदनों की स्वीकृति में बेहद खराब प्रदर्शन पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा लीड बैंक मैनेजर को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि बैंकों की लापरवाही के कारण पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ समय से नहीं मिल पा रहा है। जनपद के समस्त बैंकों में ऋण आवेदनों की स्वीकृति औसतन प्रतिदिन मात्र 10 पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस माह बैंकिंग व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो लीड बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन बैंकों में प्राप्त आवेदनों के सापेक्ष ऋण स्वीकृति में लापरवाही पाई जाएगी, उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अपर जिलाधिकारी को सबसे कम ऋण वितरण करने वाले बैंकों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित बैंक की जनपद में क्रियाशीलता बंद करने की चेतावनी भी दी।
समीक्षा में पाया गया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 289 तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 221 आवेदन ऋण स्वीकृति के लिए लंबित हैं। इसी प्रकार बड़ौदा यूपी बैंक में प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बावजूद 196 तथा बैंक ऑफ बड़ौदा में 107 आवेदन लंबित पाए गए। निकायवार समीक्षा में नगर पालिका परिषद मऊनाथ भंजन में 2,881 तथा कोपागंज में 636 आवेदन लक्ष्य के सापेक्ष लंबित पाए गए।पीएम स्वनिधि योजना के तहत निकायों के लिए कुल 19,275 आवेदनों का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके सापेक्ष अब तक 14,645 आवेदनों की ऋण स्वीकृति हो चुकी है। अभी भी लक्ष्य के सापेक्ष 4,630 आवेदन लंबित हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि अन्य जनपदों में मऊ की तुलना में लगभग तीन से चार गुना अधिक ऋण आवेदनों की स्वीकृति प्रतिमाह हो रही है,ऐसे में जनपद में अपेक्षित प्रगति न होना गंभीर विषय है।उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक नए आवेदन कराने,पुराने लंबित आवेदनों की ऋण स्वीकृति के लिए लाभार्थियों को बैंकों तक ले जाने तथा बैंक अधिकारियों से नियमित समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही सबसे कम नए आवेदन कराने एवं ऋण स्वीकृति कराने वाले दो अधिशासी अधिकारियों को चिन्हित कर कारण बताओ नोटिस जारी करने एवं वेतन रोकने के निर्देश दिए।बैठक में परियोजना निदेशक डूडा द्वारा बताया गया कि 233 प्रस्तावों का डीपीआर तैयार कर प्रेषित किया जाना है। स्थलीय जांच के उपरांत 176 प्रस्ताव डूडा के माध्यम से कराए जाने हैं, जबकि शेष प्रस्ताव नगर पालिका परिषद मऊ अथवा अन्य नगर पंचायतों की कार्ययोजना में पूर्व से सम्मिलित हैं।जिलाधिकारी ने सभी प्रस्तावित कार्यों का अनिवार्य रूप से स्थल निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से विवादित स्थलों की गहन जांच करने तथा आसपास के लोगों से भी जानकारी प्राप्त करने को कहा। भूमि विवाद की स्थिति की पूरी तरह जांच करने के उपरांत ही डीपीआर तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे भविष्य में कार्यों के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निकाय स्तर पर लंबित सभी आवेदनों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जियो टैगिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कराने तथा पात्र लाभार्थियों का सत्यापन सही ढंग से सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अपात्र व्यक्ति को योजना का लाभ नहीं मिलना चाहिए, इसके लिए स्थलीय सत्यापन पूरी गंभीरता से कराया जाए।
जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को शासन द्वारा संचालित योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन नगर पंचायतों में एसटीपी के लिए अभी तक भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है, वहां संबंधित उप जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर भूमि चिन्हित करने की कार्रवाई शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने पीएम स्वनिधि योजना की खराब प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए लीड बैंक मैनेजर एवं समस्त अधिशासी अधिकारियों को इस माह हर हाल में अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश दिए तथा लापरवाही जारी रहने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार,अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार,अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद तथा समस्त नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी एवं लीड बैंक मैनेजर उपस्थित रहे।
