देवल संवाददाता,बलिया कलक्ट्रेट में गुरुवार दोपहर करीब दो बजे आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सदस्यों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम 23 सूत्रीय मांग पत्र डीएम प्रतिनिधि को सौंपा।
पार्टी के सदस्यों ने कहा कि भारत का संविधान समानता और समान अवसर का अधिकार देता है। इसके बावजूद SC, ST, OBC और महिलाओं सहित कई वंचित वर्गों को शिक्षा, रोजगार, राजनीति, प्रशासन, न्यायपालिका और निर्णय लेने वाली संस्थाओं में उचित भागीदारी नहीं मिल पाई है।
उन्होंने बताया कि आरक्षण केवल आर्थिक आधार पर नहीं, बल्कि सामाजिक भेदभाव, छुआछूत, सामाजिक-शैक्षणिक वंचना और अपर्याप्त प्रतिनिधित्व को दूर करने का संवैधानिक माध्यम है। आर्थिक उन्नति मात्र से जातिगत भेदभाव खत्म नहीं होता। इसलिए आरक्षण का ठीक से पालन हो, खाली आरक्षित पदों और बैकलॉग की जल्द भर्ती हो।
इसके साथ ही SC, ST और OBC की सही और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। पार्टी ने मांग की कि महिला आरक्षण, नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए कोटे के अंदर कोटा सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी मांग की कि Special Component Plan (SCP) के बजट से बने कन्नौज, अंबेडकर नगर, जालौन और सहारनपुर के 4 मेडिकल कॉलेजों में SC/ST विद्यार्थियों के लिए खत्म की गई 70% आरक्षण व्यवस्था को यूपी सरकार कानून बनाकर तुरंत फिर से लागू करे।
पार्टी ने कहा कि OBC समाज को लोकसभा और विधानसभाओं में उचित और प्रभावी राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया जाए। SC, ST और OBC के लिए राज्यसभा एवं विधान परिषदों में भी उचित और प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा, जाति जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम जोड़ा जाए। साथ ही OBC समाज की वास्तविक जनसंख्या का वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से पता लगाया जाए। इन मांगों के अलावा 18 अन्य मांगें भी इस पत्र में शामिल हैं।
