आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर 01 सितम्बर 2026 (सू०वि०)- जनपद जौनपुर के विकासखंड बदलापुर के ग्राम गजेंद्रपुर निवासी श्रीमती प्रेमलता पत्नी श्री भूप नारायण सिंह ने उद्यान विभाग द्वारा संचालित एकीकृत बागवानी विकास मिशन का लाभ उठाकर केले की व्यावसायिक खेती में सफलता की नई मिसाल कायम की है। 0.8 हेक्टेयर क्षेत्रफल में केले की खेती कर उन्होंने न केवल आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाया, बल्कि अपनी मेहनत और लगन से इसे आर्थिक समृद्धि का माध्यम भी बनाया।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में श्रीमती प्रेमलता को मिशन के अंतर्गत 0.8 हेक्टेयर क्षेत्रफल में केले के रोपण हेतु ₹24,590 का अनुदान प्रदान किया गया। इसके उपरांत वित्तीय वर्ष 2026-27 में द्वितीय वर्ष के लिए ₹8,193 का अनुदान उपलब्ध कराया गया। इस प्रकार उन्हें योजना के अंतर्गत कुल ₹32,783 का अनुदान प्राप्त हुआ।
योजना के माध्यम से आर्थिक सहयोग के साथ-साथ श्रीमती प्रेमलता को केले की खेती के संबंध में प्रशिक्षण, तकनीकी जानकारी एवं आवश्यक विभागीय मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी को उन्होंने अपने खेत में प्रभावी रूप से लागू करते हुए केले के पौधों का उचित प्रबंधन, समय से सिंचाई, खाद एवं उर्वरक का संतुलित प्रयोग तथा फसल की वैज्ञानिक देखभाल सुनिश्चित की। केले की खेती में रोपण, सिंचाई, खाद एवं उर्वरक, फसल प्रबंधन तथा अन्य कृषि कार्यों पर उनकी कुल लागत लगभग ₹1.50 लाख आई। बेहतर फसल प्रबंधन एवं वैज्ञानिक तकनीकों के प्रयोग से उन्हें अच्छी पैदावार प्राप्त हुई तथा उत्पादित केले की बिक्री से लगभग ₹5.00 लाख की शुद्ध बचत अर्जित हुई।
श्रीमती प्रेमलता की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता के साथ प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए तो वे पारंपरिक खेती के साथ व्यावसायिक बागवानी फसलों को अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत मिले सहयोग ने उन्हें केले की व्यावसायिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया, वहीं उनकी मेहनत, लगन और वैज्ञानिक सोच ने इस अवसर को आर्थिक सफलता में बदल दिया। उनकी सफलता से ग्राम गजेंद्रपुर एवं आसपास के क्षेत्र के अन्य किसान भी केले सहित अन्य व्यावसायिक बागवानी फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। श्रीमती प्रेमलता की यह कहानी महिला किसानों के सशक्तिकरण, आधुनिक बागवानी को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करती है।
