देवल संवाददाता, मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कर-करेत्तर राजस्व वसूली एवं सीएम डैशबोर्ड पर आधारित अन्य राजस्व कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक कैंप कार्यालय स्थित सभागार में संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली,प्रवर्तन कार्यों तथा सीएम डैशबोर्ड पर विभागवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।कर-करेत्तर राजस्व वसूली की समीक्षा में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अगस्त माह में व्यापार कर में 58.50 प्रतिशत, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन में 114.38 प्रतिशत, परिवहन कर में 97.83 प्रतिशत, आबकारी में 71.39 प्रतिशत, वन में 144.48 प्रतिशत, खनन में 66.50 प्रतिशत,विद्युत देय में 55.43 प्रतिशत,बैंक देय में 298.1092 प्रतिशत, चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य में 96 प्रतिशत तथा स्थानीय निकायों में 89.12 प्रतिशत राजस्व प्राप्ति पाई गई।
आबकारी विभाग की राजस्व प्राप्ति पिछले माह की तुलना में कम होने तथा सी ग्रेड पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए राजस्व वसूली एवं प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। खनन विभाग की लगातार दो-तीन माह से गिरती राजस्व वसूली पर भी जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई तथा खान निरीक्षक के विरुद्ध निदेशालय को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए। नगर पालिका परिषद की राजस्व प्राप्ति 89.12 प्रतिशत पाए जाने पर अधिशासी अधिकारी को प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने को कहा।सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान आबकारी विभाग के लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व प्राप्ति में डी ग्रेड, कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार के मंडी आवक में बी, पीएम स्वनिधि में सी,भू-तत्व एवं खनिकर्म विभाग के आईएमएसएस के अनुसार प्रवर्तन कार्य में बी,राजस्व विभाग के अंश संशोधन में बी, आईसीसीएमएस डैशबोर्ड में बी, कुर्रा बंटवारा में सी,धारा-98 में बी,नामांतरण में बी,पैमाइश में बी,वसूली प्रमाण पत्र में बी,स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन के लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व प्राप्ति में बी तथा जनसुनवाई/आईजीआरएस में सी ग्रेड पाया गया। अन्य विभिन्न योजनाओं में संतोषजनक प्रगति पर ए ग्रेड पाया गया।जिलाधिकारी ने जिन विभागों की योजनाओं एवं कार्यों में ए ग्रेड नहीं है,उनके अधिकारियों को इस माह हर हाल में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी समीक्षा में अपेक्षित सुधार नहीं मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पीएम स्वनिधि योजना में बैंकों द्वारा पर्याप्त मात्रा में ऋण स्वीकृत न किए जाने के कारण सी ग्रेड प्राप्त होने पर जिलाधिकारी ने लीड बैंक मैनेजर को बैंकों से प्रभावी समन्वय स्थापित कर अधिकतम ऋण स्वीकृति सुनिश्चित कराने तथा इस माह ए ग्रेड प्राप्त करने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। वहीं पीएम आवास (शहरी) में तहसील स्तर पर लंबित प्रकरणों की अधिक संख्या पाए जाने पर सभी उप जिलाधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कराने को कहा।
आईजीआरएस/जनसुनवाई की समीक्षा में जुलाई माह में बी ग्रेड के सापेक्ष अगस्त में सी ग्रेड आने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लंबित,डिफाल्टर एवं असंतुष्ट फीडबैक वाले प्रकरणों की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को अंतिम चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न हो,बल्कि गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक होना चाहिए। असंतुष्ट फीडबैक के कई मामलों में लेखपाल एवं कानूनगो द्वारा गलत आख्या लगाए जाने पर सभी उप जिलाधिकारियों को संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।उन्होंने तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की नियमित निगरानी करने को कहा। साथ ही कर-करेत्तर राजस्व के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने तथा इसकी नियमित समीक्षा के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने परिवहन, आबकारी एवं खनन सहित प्रवर्तन कार्य से जुड़े विभागों को विशेष अभियान चलाकर प्रवर्तन में तेजी लाने के निर्देश दिए। बिना पंजीकरण अथवा अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के विरुद्ध नियमित एवं निष्पक्ष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रवर्तन कार्यों के लिए लक्ष्य निर्धारित कर कार्रवाई की जाए, जिससे आमजन को इसका लाभ मिले तथा जिला प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हो।नगर पालिका परिषद की भूमि पर अवैध निर्माण एवं कब्जे के मामलों में भी जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई से भूमाफियाओं में स्पष्ट संदेश जाना चाहिए तथा आमजन का नगर पालिका के प्रति विश्वास बढ़ना चाहिए।जिलाधिकारी ने एसटीपी के लिए भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में उप जिलाधिकारी सदर को शहरी क्षेत्र के लेखपालों से भूमि की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त कर हर हाल में भूमि का चिन्हांकन एवं उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दायर मुकदमों की माहवार समीक्षा कर लंबित प्रकरणों में तत्काल कार्रवाई एवं नियमानुसार जुर्माना लगाए जाने के निर्देश भी दिए।बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार,मुख्य राजस्व अधिकारी दिनेश कुमार मिश्रा,समस्त उप जिलाधिकारी एवं अन्य संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
