प्रशासनिक कार्यप्रणाली एवं क्रियाकलापों पर उठे सवाल
कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।विकास खण्ड रामनगर में तैनात ग्राम पंचायत सचिव विश्वनाथ पटेल द्वारा फर्जीवाड़े का एक ऐसा कृत्य किया गया है कि भले ही वे जेल के सलाखों के बाहर हों परन्तु उनका कृत्य जेल की सलाखों में पहुंच गया। बताते चलें कि ग्राम पंचायत सचिव विश्वनाथ पटेल द्वारा अपने आवंटनीय ग्राम पंचायत बहलोलपुर नीवा से रजनी पुत्री विक्रम के नाम से जन्म प्रमाण पत्र संख्या B202509309040000255,जारी तिथि 30.12.2025 निर्गत किया गया जिसके आधार पर विधि विरुद्ध ढंग से शादीशुदा दिनांक 10.02.2026, एवं सम्मनपुर थाने में संज्ञेय अपराध की धाराओ में प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 0026, दिनांक 19.02.2026 दर्ज हुआ। उक्त जारी फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के सम्बन्ध में किये गये शिकायत की जांच में भी प्रमाण के फर्जी जारी होने की पुष्टि भी हो चुकी,प्रमाण पत्र को निरस्त भी किया गया और कार्यालय जिला पंचायत राज अधिकारी अम्बेडकर से जारी पत्रांक -607, दिनांक 29.04.2026 के माध्यम से सम्बन्धित ग्राम पंचायत सचिव विश्वनाथ पटेल से स्पष्टीकरण भी मांगा गया तों कार्यवाही
क्यों नहीं की गई? कार्यवाही ना होने की दशा में शिकायत कर्ता द्वारा पुनः किये गये शिकायत के निस्तारण में अवगत कराया गया कि प्रकरण उपजिलाधिकारी स्तर से संभव है।क्या यह शिकायत कर्ता को भ्रमित एवं गुमराह करने, फर्जीवाड़े एवं भ्रष्टाचार जैसे गंभीर प्रक्ररणो में दोषियों के विरुद्ध
कार्यवाही करने के बजाय उनको संरक्षण देकर उनके मनोबल को बढाकर फर्जीवाड़े एवं भ्रष्टाचार को बढावा देने में सहयोग करना नहीं है।शिकायत कर्ता द्वारा उक्त के सम्बन्ध में समस्त साक्ष्यों सहित दोषियों एवं उनके संरक्षणदाताओ के विरुद्ध उचित वैधानिक कार्यवाही की प्रबल मंशा एवं पूर्ण विश्वास के साथ जिलाधिकारी महोदया सहित मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र दिया गया है।
अब देखना यह होगा कि क्या जिम्मेदारों द्वारा प्रकरण का गंभीरता पूर्वक संज्ञान लेते हुए दोषियों एवं संरक्षणदाताओ के विरुद्ध कोई कार्यवाही करते हैं या फिर ऐसे ही शिकायतों के निस्तारण के नाम पर खानापूर्ति कर दोषियों को संरक्षण ही दिया जाता रहेगा।
