देवल संवाददाता, मऊ। उप आबकारी आयुक्त, आजमगढ़ प्रभार,आजमगढ़ की अध्यक्षता में जनपद मऊ के समस्त थोक एवं फुटकर आबकारी अनुज्ञापियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला आबकारी अधिकारी,मऊ,आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1, 2, 3 एवं 4 तथा समस्त थोक एवं फुटकर अनुज्ञापी उपस्थित रहे। बैठक में उप आबकारी आयुक्त द्वारा आबकारी दुकानों के सुचारू संचालन,निर्धारित मूल्य एवं समय पर मदिरा की बिक्री तथा अवैध मदिरा की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उप आबकारी आयुक्त ने जनपद के समस्त थोक देशी मदिरा, विदेशी मदिरा एवं बीयर अनुज्ञापियों को पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। साथ ही कांवड़ मार्ग पर स्थित आबकारी दुकानों पर किसी प्रकार की अव्यवस्था न होने देने तथा दुकानों को पर्दे आदि से ढकने के लिए आबकारी निरीक्षकों को निर्देशित किया गया। उन्होंने दुकानों की क्रॉस चेकिंग कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में तैनात आबकारी निरीक्षकों से अन्य क्षेत्रों की दुकानों की भी जांच कराई जाए। समस्त फुटकर दुकानों पर प्रत्येक ब्रांड की मदिरा की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने तथा सभी ब्रांडों का उचित डिस्प्ले सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उप आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मदिरा की बिक्री निर्धारित मूल्य पर ही की जाए। ओवररेटिंग की शिकायत अथवा पुष्टि होने पर संबंधित विक्रेता एवं अनुज्ञापी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसी प्रकार निर्धारित समयावधि में ही मदिरा की बिक्री सुनिश्चित करने तथा समय से पूर्व अथवा निर्धारित समय के पश्चात बिक्री पाए जाने पर विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को निरंतर सुचारू रूप से क्रियाशील रखने तथा रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ सभी दुकानों पर ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी बताया गया कि मण्डलीय प्रवर्तन टीम द्वारा जनपद मऊ की आबकारी दुकानों की चेकिंग की जाएगी। किसी भी दुकान पर अवैध मदिरा अथवा गैर-प्रांत की मदिरा की बिक्री पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। उप आबकारी आयुक्त के निर्देशों के क्रम में जिला आबकारी अधिकारी,मऊ, जनपद में तैनात आबकारी निरीक्षकों एवं प्रवर्तन टीम द्वारा आबकारी दुकानों की निरंतर चेकिंग एवं निरीक्षण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अवैध मदिरा की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण रखने तथा किसी भी प्रकार की राजस्व क्षति को रोकना है।
