देवल संवाददाता, मऊ। 01 दिसंबर 2025 को एक मासूम नवजात शिशु गंभीर रूप से घायल अवस्था में थाना मुहम्मदाबाद गोहना के परिधि में डा० भीम राव अम्बेडकर जी की प्रतिमा के पास लावारिस पाया गया। नवजात के शरीर एवं सर पर गंभीर चोट थे,सर से लगातार खून का रिसाव हो रहा था लेकिन उसके जीवन जीने की उम्मीद अभी कायम थी। सूचना प्राप्त होने पर चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), जनपद मऊ द्वारा तत्काल आवश्यक हस्तक्षेप करते हुए नवजात को सुरक्षित संरक्षण एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। चाइल्ड हेल्पलाइन तथा संबंधित विभागीय कार्मिकों के निरंतर प्रयास,चिकित्सकीय उपचार, देखभाल एवं संरक्षण के फलस्वरूप नवजात की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ। कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए इस मासूम ने जीवन की नई उम्मीद हासिल की। इसके पश्चात बालक के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार आवश्यक विधिक एवं दत्तक ग्रहण संबंधी प्रक्रियाएँ पूर्ण की गई। दिनांक 14 अगस्त 2026 को बालक प्रद्युम्न को दत्तक ग्रहण की विधिक प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत आनन्द वर्द्धन, जिलाधिकारी के द्वारा उसके नए परिवार को सौंपा गया। दत्तक माता-पिता अर्चना जायसवाल एवं अमर जायसवाल द्वारा बालक को नया नाम 'राजवीर जायसवाल दिया गया। जिस मासूम के जीवन की शुरुआत अत्यंत कठिन परिस्थितियों में हुई थी,आज उसे एक सुरक्षित परिवार,माता-पिता का स्नेह, संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य की नई उम्मीद प्राप्त हुई है। यह घटना केवल एक दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया नहीं,बल्कि मानवता,संवेदनशीलता और सामूहिक प्रयास की सफलता का उदाहरण है। इससे यह संदेश जाता है कि प्रत्येक बच्चे को प्रेम, सुरक्षा,सम्मान और परिवार का अधिकार है। चाइल्ड हेल्पलाइन, जनपद मऊ एवं राजकीय विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण द्वारा सभी संबंधित विभागों,कार्मिकों एवं सहयोगी व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया,जिनके सामूहिक प्रयासों से बालक को जीवन की नई राह और एक सुरक्षित परिवार मिल सका।
