देवल संवाददाता, आजमगढ़। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के सगड़ी के मनियारपुर गांव में सरकारी जमीन पर खड़ंजा और ग्रामीणों के आवागमन के लिए निजी भूमिधरी से दिए गए रास्ते को लेकर विवाद सामने आया है। गांव निवासी साधना मिश्रा पत्नी अजय दत्त मिश्र ने अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
साधना मिश्रा का आरोप है कि उन्होंने जन सूचना अधिकार (आरटीआई) के तहत खंड विकास अधिकारी तहबरपुर से जानकारी मांगी थी कि गांव में सरकारी जमीन पर लगाए गए खड़ंजे के निर्माण में कितनी धनराशि खर्च की गई। उनके अनुसार, खंड विकास अधिकारी हेमंत श्रीवास्तव की ओर से दी गई सूचना में सीधे तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उक्त स्थान पर खड़ंजा लगाया गया है अथवा निर्माण कार्य पर कितनी धनराशि खर्च हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना का स्पष्ट जवाब देने के बजाय टालमटोल किया गया।
साधना मिश्रा का कहना है कि गांव के लोगों के आने-जाने के लिए उन्होंने अपनी भूमिधरी की जमीन रास्ते के लिए उपलब्ध कराई है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जनहित में ग्रामीणों के आवागमन के लिए आरसीसी मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। उनका आरोप है कि इसी निर्माण को लेकर रणविजय एवं संत विजय पुत्र बलदाऊ द्वारा प्रशासन को शिकायतें दी जा रही हैं, जिनमें उन्होंने वास्तविक स्थिति से अलग तथ्य प्रस्तुत कर शासन-प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों की ओर से शिकायत की जा रही है, उनके द्वारा स्वयं सरकारी जमीन पर कब्जा किए जाने की बात सामने आती है। साथ ही उनकी निजी भूमिधरी में जबरन रास्ता निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
साधना मिश्रा ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की राजस्व एवं विकास विभाग की संयुक्त टीम से मौके पर जांच कराई जाए। सरकारी भूमि, निजी भूमिधरी, पूर्व में कराए गए खड़ंजा निर्माण और प्रस्तावित आरसीसी मार्ग की स्थिति की जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाए तथा यदि किसी पक्ष द्वारा सरकारी अथवा निजी भूमि पर अवैध कब्जा या गलत शिकायत की गई है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
हालांकि, लगाए गए आरोपों के संबंध में दूसरे पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है।