देवल संवाददाता, आजमगढ़। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी के शिकार हुए निजामाबाद क्षेत्र के एक व्यक्ति को पुलिस की साइबर टीम ने राहत दिलाते हुए ठगी की पूरी ₹20 हजार की रकम वापस करा दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी की रकम को होल्ड कराया और प्रक्रिया पूरी कर पीड़ित के खाते में धनराशि वापस कराई।
पुलिस के अनुसार मुईयामकदुमपुर हुसामपुर निवासी रामनरायन सोनकर के साथ 29 मई 2026 को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर फ्रॉड किया गया था। साइबर ठगों ने उनके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते से ₹20 हजार निकाल लिए थे। पीड़ित ने घटना के तत्काल बाद साइबर क्राइम हेल्पलाइन/NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही थाना निजामाबाद की साइबर टीम ने कार्रवाई शुरू की और ठगी की रकम को इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के संबंधित खाते में होल्ड कराया। प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह के निर्देशन में टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए MRM पोर्टल के माध्यम से पूरी ₹20 हजार की धनराशि पीड़ित के खाते में वापस करा दी।
रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने आजमगढ़ पुलिस और साइबर टीम के प्रति आभार जताया। कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक दिलीप आनंद, कांस्टेबल राकेश यादव, कांस्टेबल संदेश सिंह और महिला आरक्षी रेनू देवी शामिल रहीं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन कॉल, वीडियो कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। पुलिस या कोई सरकारी एजेंसी फोन पर डिजिटल अरेस्ट कर पैसे जमा कराने के लिए नहीं कहती। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
