आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। नगर स्थित कल्लू मरहूम के इमामबाड़े में अंजुमन तंजीम-ए-अज़ाए हुसैन की ओर से आयोजित 28वीं ऑल इंडिया तरही शब्बेदारी का समापन रविवार को अकीदत और गम के माहौल में हुआ। करीब 24 घंटे तक चली इस शब्बेदारी में देश के विभिन्न शहरों से आई 20 मातमी अंजुमनों ने नौहा और मातम के जरिए शहीद-ए-कर्बला हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके 71 साथियों को खिराज-ए-अकीदत पेश की।
कार्यक्रम का आगाज शनिवार रात तिलावत-ए-कलाम पाक से हुआ, जबकि सोजखानी गौहर अली जैदी एवं उनके हमराहों ने पेश की। इसके बाद एहतेशाम जौनपुरी, तल्ख जौनपुरी, शाहिद हुसैन, हसरत जौनपुरी, अकरम, राहिब और मुंतज़िर जौनपुरी ने पेशखानी की। तरही मिसरे पर एक के बाद एक अंजुमनों ने दर्दभरे नौहे पढ़े और अजादारों ने मातम कर कर्बला के शहीदों की याद को ताजा किया।
मजलिस को खिताब करते हुए प्रयागराज से आए मौलाना बाबर नदीम ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत इंसानियत, न्याय और इस्लाम की हिफाजत के लिए दी गई महान कुर्बानी है। उन्होंने कहा कि 1400 वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मोहर्रम का महीना आते ही हर मजहब के लोग इमाम हुसैन की कुर्बानी को श्रद्धा के साथ याद करते हैं। उनकी शहादत पूरी मानवता के लिए सत्य, न्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का संदेश देती है।
तंजीम के पदाधिकारी तहसीन शाहिद सभासद ने बताया कि इस शब्बेदारी में अंजुमन मासूमिया फैजाबाद, अंजुमन जैनुल एबा रायबरेली, अंजुमन रिजविया हसनपुर (सुल्तानपुर), गुंचा-ए-नासिरुल अज़ा बड़ागांव, अंजुमन आबिदिया वाराणसी, अंजुमन ज़ीनत-ए-इस्लाम मुस्तफाबाद जलालपुर, मजलूमिया प्रयागराज समेत कई प्रमुख अंजुमनों ने भाग लिया।
रविवार शाम अलविदाई मजलिस मौलाना महफूजुल हसन खान, पेश इमाम जामा मस्जिद ने पढ़ी। इसके बाद शबीहे ताबूत, अलम और जुल्जनाह का जुलूस निकाला गया। अंजुमन जाफरी ने अपने दर्दभरे नौहों से पूरे माहौल को गमगीन कर दिया और बड़ी संख्या में मौजूद अजादारों ने मातम कर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का संचालन अनीस जायसी एवं शोएब जैदी ने किया, जबकि अध्यक्ष शौकत अली 'मुन्ना अकेला', संयोजक सकलैन अहमद खान और तहसीन शाहिद सभासद ने सभी अंजुमनों, मेहमानों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। शब्बेदारी में शहर और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में अजादार एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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