बेहतरीन कार्यक्रम के प्रसारण के लिए सम्मानित हुए कार्यक्रम अधिशासी नितिन कुमार वर्मा
देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। जटिल भौगोलिक क्षेत्रफल वाले आदिवासी बाहुल्य, जंगली, वन्य क्षेत्रो में संचार व्यवस्था के नाम पर शून्य रहे जनपद में उच्च गुणवत्ता वाले एफएम रेडियो स्टेशन ओबरा संचार क्रांति के रूप में सोनभद्र जनपद के आदिवासी नेता, प्रथम सांसद रामप्यारे पनिका के प्रयासों से 1993 में स्थापित हुआ। वर्तमान समय में आकाशवाणी केंद्र ओबरा द्वारा बेहतरीन प्रसारण के लिए विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी द्वारा केंद्र के कार्यक्रम अधिशासी सचिन कुमार वर्मा को अंगवस्त्रम, स्मृति चिन्ह भेटकर सम्मानित किया गया।
आकाशवाणी केंद्र ओबरा से
स्थानीय भाषा, बोलियां मे युववाणी, गृह लक्ष्मी, घरनी, ग्राम जगत, किसान वाणी, स्वास्थ्य चर्चा, लोकगीत,हलो फरमाईस, वटवृक्ष आदि कार्यक्रम के जारिये संस्कृति, साहित्य, कला, संगीत, लोकगीत, परंपराओं, रीति-रिवाजों,जीवनशैली स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, रोजगार से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं, कानूनी अधिकारों पर आधारित कार्यक्रम आदिवासियों में जन जागरूकता जगा कीर्तिमान स्थापित कर चुका है।
आकाशवाणी केंद्र से प्रसारित परिचर्चा, वार्ता, कार्यक्रमों से जनपद के ख्यातिलब्ध इतिहासकार, साहित्यकार, पत्रका, युवा, महिलाएं,आदिवासी, राष्ट्रीय,अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, लोक कलाकार जुड़े हुए हैं।
आकाशवाणी केंद्र ओबरा से कार्यक्रम अधिशासी जीपी निराला, अजय प्रताप कटिहार, एंकर अख्तर अली का नाम बेहतरीन कार्यक्रम के निर्माण एवं प्रसारण के लिए जुड़ा है।
इस अवसर पर ट्रस्ट के निदेशक ने कहा कि
"वर्तमान समय में आकाशवाणी केंद्र ओबरा में अधिकारियों, कर्मचारियों की कमी के कारण कार्यक्रम के निर्माण एवं प्रसारण में दिक्कतें आ रही है।इन समस्याओं के निदान के लिए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को पत्र लिखकर यह मांग की गई है कि ओबरा आकाशवाणी केंद्र को डिफिकल्ट केंद्र की श्रेणी में रखा जाए और यहां कार्य करने वाले कर्मचारियों एवं अधिकारियों को नियमानुसार पर्याप्त सुविधाए प्रदान की जाय,ताकि केंद्र सुचारू रूप से संचालित हो सके।
आकाशवाणी केंद्र ओबरा से
स्थानीय भाषा, बोलियां मे युववाणी, गृह लक्ष्मी, घरनी, ग्राम जगत, किसान वाणी, स्वास्थ्य चर्चा, लोकगीत,हलो फरमाईस, वटवृक्ष आदि कार्यक्रम के जारिये संस्कृति, साहित्य, कला, संगीत, लोकगीत, परंपराओं, रीति-रिवाजों,जीवनशैली स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, रोजगार से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं, कानूनी अधिकारों पर आधारित कार्यक्रम आदिवासियों में जन जागरूकता जगा कीर्तिमान स्थापित कर चुका है।
आकाशवाणी केंद्र ओबरा से कार्यक्रम अधिशासी जीपी निराला, अजय प्रताप कटिहार, एंकर अख्तर अली का नाम बेहतरीन कार्यक्रम के निर्माण एवं प्रसारण के लिए जुड़ा है।
