देवल संवाददाता, मऊ। मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला पोषण कन्वर्जेंस समिति की बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित हुई। बैठक में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, छह माह से कम आयु के शिशुओं के कुपोषण प्रबंधन,आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण एवं आधारभूत सुविधाओं सहित विभिन्न बिंदुओं पर गहन समीक्षा की गई।बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पोषण प्रबंधन एवं स्वास्थ्य सुधार की समीक्षा करते हुए विकासखंड दोहरीघाट एवं रतनपुरा की असंतोषजनक प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि ‘संभव अभियान 6.0’ के अंतर्गत गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पोषण एवं स्वास्थ्य प्रबंधन में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।छह माह से कम आयु के कुपोषित शिशुओं के प्रबंधन की समीक्षा के दौरान पोषण ट्रैकर पर चिन्हित गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों के ई-कवच पोर्टल पर पंजीकरण की प्रगति का भी आकलन किया गया। इस दौरान विकासखंड मोहम्मदाबाद गोहना, फतेहपुर मंडाव,परदहा एवं रानीपुर की खराब प्रगति पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारियों को कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक तक अपेक्षित सुधार नहीं होने पर इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी तथा उनके विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी।आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी रंजीत कुमार ने बताया कि वर्ष 2024-25 में 50 आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित था,जिनमें अब तक केवल 14 भवनों का निर्माण पूर्ण हो सका है। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी केंद्रों पर पेयजल व्यवस्था के अंतर्गत 215 में से 202 केंद्रों पर ही पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकी है।मुख्य विकास अधिकारी ने सक्षम आंगनबाड़ी अभियान के अंतर्गत बाला पेंटिंग,रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं पोषण वाटिका से संबंधित अपूर्ण कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों एवं माताओं के बेहतर पोषण और समग्र विकास के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।बैठक में उपायुक्त श्रम एवं रोजगार राजीव कुमार,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष उपाध्याय,जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी सुशील कुमार,अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बी.के. यादव,अपर जिला पंचायत राज अधिकारी किरण वर्मा,जिला पूर्ति अधिकारी राघवेंद्र सिंह,जिला कार्यक्रम अधिकारी रंजीत कुमार,समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
