चीन के विदेश मंत्री वांग यी मंगलवार को दिल्ली में 16वीं BRICS राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि चीन और भारत पड़ोसी देश हैं और ग्लोबल साउथ की प्रमुख अर्थव्यवस्था हैं, इसलिए उनके बीच बेहतर सहयोग होना चाहिए। बता दें कि भारत 22-23 जून 2026 को ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक की मेजबानी कर रहा है।
द्विपक्षीय संबंधों पर जोर
बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक के दौरान ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार/प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख 'आज दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां' विषय पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
भारत में चीन के राजदूत शू फीहोंग ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर वांग यी का बयान पोस्ट किया। इसके मुताबिक, वांग यी ने कहा, 'सबसे बड़ी आबादी वाली दो अर्थव्यवस्थाओं के तौर पर चीन और भारत को न केवल दीर्घकालिक नजरिए से द्विपक्षीय संबंधों को देखना चाहिए, बल्कि वैश्विक नजरिए से भी दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए।'
सीमा मुद्दे पर भी दिया बयान
वांग यी ने सीमा मुद्दे पर कहा कि मतभेदों को सावधानी से संभाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'एक-दूसरे के मुख्य हितों का सम्मान करना, संवेदनशील मुद्दों को सही ढंग से संभालना और चीन-भारत सीमा मुद्दे को उचित स्थान पर रखना जरूरी है, ताकि यह द्विपक्षीय संबंधों की समग्र स्थिति को प्रभावित न करे।'
वांग यी ने कहा कि ब्रिक्स के रोटेटिंग चेयरमैन के तौर पर भारत द्वारा अपनी जिम्मेदारियां निभाने का चीन समर्थन करता है और भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
