देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई उस समय भावुक क्षणों की साक्षी बन गई, जब दोनों पैरों से दिव्यांग एक मासूम छात्र अपनी समस्या लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के सामने पहुंचा। छात्र की पीड़ा सुनकर जिलाधिकारी न केवल संवेदनशील हुए, बल्कि तत्काल कार्रवाई करते हुए उसकी वर्षों की परेशानी का समाधान भी करा दिया।
प्राथमिक विद्यालय बंजरिया में अध्ययनरत कक्षा-5 के छात्र रवि पटेल पुत्र कमलेश पटेल ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह जन्म से दोनों पैरों से दिव्यांग है। स्कूल आने-जाने और दैनिक कार्यों में उसे काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। साथ ही उसे मिलने वाली छात्रवृत्ति की धनराशि भी अब तक प्राप्त नहीं हुई है, जिससे उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मासूम छात्र की बात सुनते ही जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने मामले को गंभीरता से लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अधिकारियों को छात्र को तुरंत ह्वील चेयर उपलब्ध कराने का आदेश दिया। अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए हवील चेयर की व्यवस्था की, जिसे जिलाधिकारी ने स्वयं अपने हाथों से रवि को सौंपा। ह्वील चेयर मिलते ही छात्र के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। वर्षों से चलने-फिरने की परेशानी झेल रहे रवि के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा पल था। वहीं यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। जिलाधिकारी ने यहीं नहीं रुके। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि छात्र की लंबित छात्रवृत्ति का तत्काल सत्यापन कराकर निर्धारित धनराशि उसके बैंक खाते में भेजी जाए, ताकि उसकी शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आए। जनसुनवाई में हुई यह मानवीय पहल प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली और जरूरतमंदों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण बन गई। जिलाधिकारी की त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश भी दिया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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