पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजैब ने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट से अनुरोध किया है कि वे इस्लामाबाद को 10 अरब डॉल की 'एक्सचेंज स्टेबिलाइजेशन सपोर्ट फैसिलिटी' प्रदान करें, ताकि उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सके।
'एक्सचेंज स्टेबिलाइजेशन सपोर्ट फैसिलिटी', जो अक्सर अमेरिकी ट्रेजरी के 'एक्सचेंज स्टेबिलाइजेशन फंड' के माध्यम से दी जाती है। यह एक वित्तीय सुरक्षा तंत्र है जिसमें करेंसी स्वैप, वित्तीय गारंटी और ऋण जैसे उपाय शामिल होते हैं।
'डॉन' अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, उसे वॉशिंगटन स्थित पाकिस्तानी दूतावास से इस अनुरोध के बारे में जानकारी की पु्ष्टि मिली है। हालांकि, दूतावास ने अखबार से विवरण साझा नहीं किए हैं। 'डॉन' ने अमेरिकी ट्रेजरी से भी प्रतिक्रिया मांगी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
पाकिस्तान ने अमेरिका से मांगी मदद
दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि औरंगजेब ने पाकिस्तान की 'रोड-टू-मार्केट' रणनीति के लिए अमेरिका से समर्थन मांगा है। यह रणनीति अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों तक बेहतर पहुंच, विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि और बेहतर सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग पर आधारित है।
अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों तक स्वतंत्र पहुंच चाहता है पाकिस्तान
पाकिस्तान की 'रोड टू मार्केट' रणनीति से मतलब, अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों तक पूर्ण और स्वतंत्र पहुंच को फिर से हासिल करने और विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने की एक रणनीतिक और आर्थिक योजना से है।
यह दृष्टिकोण राजकोषीय घाटे और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के कड़े अनुशासन को बनाए रखने पर निर्भर करता है। हालांकि, आधिकारिक बयान में 10 अरब डॉलर की राशि का उल्लेख नहीं किया गया था।
पाकिस्तान की मदद कर सकता है अमेरिका
वाशिंगटन में राजनयिक सूत्रों ने 'डॉन' को बताया कि इस बात की प्रबल संभावना है कि 10 अरब डॉलर की स्थिरता सहायता का अनुरोध मंजूर कर लिया जाएगा।
एक सूत्र ने अखबार को बताया कि ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान के साथ जुड़ाव बनाए रखने में गहरी रुचि रखता है और उसने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करने का एक से अधिक बार वादा किया है।
पाकिस्तान की आर्थिक रिकवरी कमजोर रही है और देश विदेशी सहायता पर काफी हद तक निर्भर है।
