नामजद आरोपी हिरासत में, पुलिस व राजस्व टीम ने संभाला मोर्चा
आमिर, देवल ब्यूरो ,महराजगंज (जौनपुर)। महराजगंज थाना क्षेत्र के सवंसा गांव में बुधवार सुबह जमीन के पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। विवाद के दौरान हुई मारपीट में एक आशा कार्यकर्ता की मौत हो जाने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।
मृतका की पहचान सवंसा गांव निवासी 45 वर्षीय चेतना सिंह के रूप में हुई है, जो स्वास्थ्य विभाग में आशा कार्यकर्ता के पद पर कार्यरत थीं। उनकी मौत की खबर फैलते ही गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
मृतका के भाई संदीप सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि बुधवार सुबह वह अपनी बहन चेतना सिंह के साथ उस भूमि पर पहुंचे थे, जहां कथित रूप से विपक्षी पक्ष खेती का कार्य कर रहा था। जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि ओम प्रकाश सिंह और उनकी दो बेटियों रोमा तथा रीतू ने चेतना सिंह के साथ मारपीट की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार, लगभग दस वर्ष पूर्व उक्त भूमि का बैनामा ओम प्रकाश सिंह के पिता स्वर्गीय जय नारायण सिंह से कराया गया था। बाद में भूमि का खारिज-दाखिल भी उनकी माता सुदामा देवी के नाम पर हो गया था। इसके बावजूद भूमि को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चला आ रहा था। बुधवार को इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम बदलापुर, क्षेत्राधिकारी बदलापुर, चार थानों की पुलिस फोर्स तथा राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बताया गया कि मृतका अपने पीछे पुत्र आयुष सिंह (वैभव) को छोड़ गई हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्कता बरत रही है।
क्षेत्राधिकारी बदलापुर सुनील चंद तिवारी ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हो चुकी है। एक नामजद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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