देवल संवाददाता, मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) एवं जिला सलाहकार समिति (DCC) की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार मे संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न बैंकिंग योजनाओं,ऋण वितरण,सीडी रेशियो तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में जमा-ऋण अनुपात (सीडी रेशियो) की समीक्षा के दौरान प्रथम तिमाही में सीडी रेशियो 39.48 प्रतिशत पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 में यह 40 प्रतिशत से अधिक था, अतः इसे हर हाल में न्यूनतम 40 प्रतिशत से ऊपर बनाए रखा जाए। इसके लिए उन्होंने लीड बैंक मैनेजर को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर सभी बैंकों के साथ साझा करने तथा प्राप्त ऋण आवेदनों की स्वीकृति संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान एलडीएम द्वारा मार्च 2027 तक के अनुमानित सीडी रेशियो का आंकड़ा भी प्रस्तुत किया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने सभी बैंकर्स को महत्वपूर्ण ऋण आवेदनों का विशेष रूप से परीक्षण करने तथा निर्धारित एक्शन प्लान के अनुरूप कार्य करते हुए सीडी रेशियो में वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान लीड बैंक मैनेजर ने बताया कि लगभग 220 करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऋण वितरण से जनपद के सीडी रेशियो में लगभग एक प्रतिशत की वृद्धि संभव है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी बैंकों से अधिक सक्रियता एवं समन्वय के साथ कार्य करने को कहा।मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की समीक्षा के दौरान भारतीय स्टेट बैंक,पंजाब नेशनल बैंक,यूनियन बैंक ऑफ इंडिया तथा एक्सिस बैंक में सर्वाधिक आवेदन लंबित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने सभी लंबित आवेदनों का निस्तारण 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना है तथा मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इसकी सतत मॉनिटरिंग की जाती है, इसलिए पात्र आवेदनों की ऋण स्वीकृति में अनावश्यक विलंब न किया जाए। साथ ही लीड बैंक मैनेजर को अस्वीकृत आवेदनों की बैंकवार एवं कार्मिकवार रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना की समीक्षा में लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति पाए जाने पर जिलाधिकारी ने और सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत लंबित प्रकरणों पर भी उन्होंने संबंधित बैंक प्रबंधकों को तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) मत्स्य योजना की समीक्षा के दौरान सभी बैंकों की प्रगति लक्ष्य के अनुरूप संतोषजनक नहीं पाई गई। जिलाधिकारी ने 15 दिनों के भीतर इसमें सुधार लाने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि प्रगति में सुधार नहीं होता है तो संबंधित बैंकों के विरुद्ध कार्रवाई हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। पशुपालन विभाग की नंदिनी योजना में लंबित मामलों को देखते हुए उन्होंने सभी संबंधित बैंकों को 30 जून तक निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। किसान क्रेडिट कार्ड योजना में भी लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) तथा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पात्र आवेदनों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत विभिन्न बैंकों में लंबित आवेदनों की समीक्षा में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया एवं भारतीय स्टेट बैंक में सर्वाधिक लंबित प्रकरण पाए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित बैंकों को फर्मों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने तथा अगले तीन दिनों के भीतर स्वीकृति प्रक्रिया में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा के दौरान विभिन्न बैंकों में कुल 1,134 आवेदन लंबित पाए गए। इनमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 239, भारतीय स्टेट बैंक में 256 तथा बड़ौदा यूपी बैंक में 244 आवेदन लंबित थे। जिलाधिकारी ने इन बैंकों को विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना,प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा अटल पेंशन योजना की भी समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण से पूर्व शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से वार्ता की जाए तथा प्राप्त प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस शिकायतों की उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा की जाती है, इसलिए इनमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।बैठक में लीड बैंक मैनेजर,उपायुक्त उद्योग,पी ओ डूडा,जिला कृषि अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं जनपद के सभी बैंकर्स उपस्थित रहे।
