देवल संवाददाता, आजमगढ़। फर्जी अभिलेखों के सहारे शासकीय अनुदान प्राप्त कर गबन करने के चर्चित मदरसा प्रकरण में अतरौलिया पुलिस ने एक वांछित महिला अभियुक्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर सरकारी धनराशि का दुरुपयोग करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, 19 मार्च 2025 को राज्य विशेष अनुसंधान दल (ईओडब्ल्यू) के निरीक्षक कुँवर ब्रम्ह प्रकाश सिंह द्वारा थाना अतरौलिया में तहरीर और जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। जांच में मदरसा फैजेकौशर निस्बां, रूकुमलपुर, अतरौलिया के प्रबंधक एवं शिक्षकों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें वास्तविक अभिलेख के रूप में प्रस्तुत करते हुए शासकीय अनुदान प्राप्त कर गबन करने के तथ्य सामने आए थे।
मामले में थाना अतरौलिया पर रियाज अहमद, किरन पाल, रेनू यादव और अनवार अहमद के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और कूटरचना समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
सोमवार को उपनिरीक्षक विश्राम गुप्ता अपनी टीम के साथ क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर वांछित अभियुक्ता रेनू यादव (35 वर्ष) को उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार महिला मूल रूप से अम्बेडकर नगर जिले के राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली है।
पुलिस ने बताया कि अभियुक्ता के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।
आजमगढ़ पुलिस का कहना है कि भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और शासकीय धनराशि के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
