राखड़ प्रवाह और वायु प्रदूषण नहीं रुका तो होगा बड़ा आंदोलन
देवल, ब्यूरो चीफ,म्योरपुर (सोनभद्र)। जिले के दक्षिणांचल क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण और उससे उत्पन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर शुक्रवार को सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि नदियों में राखड़ बहाने और वायु प्रदूषण पर शीघ्र रोक नहीं लगाई गई तो व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।
रामेश्वर प्रसाद, रमेश यादव, ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल, रामनारायण एवं मीना देवी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि म्योरपुर, चोपन, बभनी, कोन और दुद्धी विकास खंडों के 300 से अधिक गांव पिछले तीन दशकों से जल एवं वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या झेल रहे हैं। इसके चलते क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि प्रदूषण के कारण अस्थमा, सांस संबंधी रोग, मधुमेह, किडनी रोग, गर्भपात और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मामलों में वृद्धि हुई है। बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है। कई अध्ययनों में लोगों की फेफड़ों की क्षमता घटने तथा बच्चों के विकास की गति प्रभावित होने की बात सामने आई है। संगठन ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य संस्थाओं की रिपोर्टों में इस क्षेत्र को गंभीर रूप से प्रदूषित बताया गया है। जल स्रोतों में पारा, कैडमियम, क्रोमियम और फ्लोराइड जैसे खतरनाक तत्व पाए जाने से स्थिति और चिंताजनक हो गई है। ज्ञापन में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के वर्ष 2018 के आदेश के अनुरूप क्षेत्र में तत्काल टॉक्सिकोलॉजिकल लैब स्थापित करने, चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण देने तथा वायु और जल गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने की मांग की गई। साथ ही शक्तिनगर के बलियानाला में एनसीएल की कोयला खदानों से निकलने वाले प्रदूषित जल के प्रवाह को तत्काल रोकने की भी मांग उठाई गई। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि रेणुका नदी में आज भी बड़ी मात्रा में राखड़ बहाया जा रहा है, जिससे नदी और आसपास का पर्यावरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग की। अपर जिलाधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित विभागों से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान पर्यावरण कार्यकर्ता जगत नारायण विश्वकर्मा, मनोज कुमार, उमेश चौबे, अशोक सिंह, विश्वनाथ, कृष्णा, शिवनारायण, मान सिंह, बेचूं, हीरामति, प्रेम कुमारी, पार्वती, विश्वंभर खरवार, शिव शरण सिंह, प्रशांत दुबे, बलवंत खरवार, राजेंद्र, राम सुंदर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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