देवल, ब्यूरो चीफ,म्योरपुर (सोनभद्र)। जिले के दक्षिणांचल क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण और उससे उत्पन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर शुक्रवार को सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि वायु और जल प्रदूषण पर शीघ्र रोक नहीं लगाई गई तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन में बताया गया कि म्योरपुर, चोपन, बभनी, कोन और दुद्धी विकास खंडों के 300 से अधिक गांव पिछले तीन दशकों से वायु एवं जल प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। इसके कारण क्षेत्र में लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं और विभिन्न प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि प्रदूषण के कारण सांस संबंधी रोग, अस्थमा, मधुमेह, किडनी की बीमारियां, गर्भपात तथा कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन में दावा किया गया कि विभिन्न शोधों में क्षेत्र के लोगों की फेफड़ों की क्षमता में गिरावट तथा बच्चों के विकास की गति प्रभावित होने की बात सामने आई है। संगठन ने यह भी कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं अन्य संस्थाओं की रिपोर्टों में क्षेत्र को गंभीर रूप से प्रदूषित बताया गया है। जल श्रोतों में पारा, कैडमियम, क्रोमियम और फ्लोराइड जैसे खतरनाक तत्व पाए जाने से स्थिति और चिंताजनक हो गई है। साथ ही रेणुका नदी में आज भी बड़ी मात्रा में राखड़ बहाए जाने का आरोप लगाया गया। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के वर्ष 2018 के आदेश के अनुरूप क्षेत्र में टॉक्सिकोलॉजिकल लैब की स्थापना, चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण, वायु एवं जल गुणवत्ता की नियमित जांच तथा प्रदूषण फैलाने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। इसके अलावा निगरानी तंत्र को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। अपर जिलाधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित विभागों से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान प्रख्यात पर्यावरण कार्यकर्ता जगत नारायण विश्वकर्मा, रामेश्वर प्रसाद, रमेश यादव, ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल, रामनारायण, मीना देवी, मनोज कुमार, उमेश चौबे, अशोक सिंह, विश्वनाथ, कृष्णा, शिवनारायण, मान सिंह, बेचूं, हीरामति, प्रेम कुमारी, पार्वती, विश्वंभर खरवार, शिव शरण सिंह, प्रशांत दुबे, बलवंत खरवार, राजेंद्र सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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