देवल, ब्यूरो चीफ,बीना, सोनभद्र। शक्तिनगर थाना क्षेत्र के ग्राम निमियाडांड़, चिल्काडांड़ और खड़िया बाजार के नाऊटोला के निवासी इन दिनों ओवर बर्डन (ओबी) डंप से उड़ रही धूल के कारण भारी परेशानी झेल रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एनसीएल परियोजना के निकट स्थित ओबी के विशाल पहाड़ से लगातार उड़ने वाली धूल ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, निमियाडांड़, चिल्काडांड़ और नाऊटोला बस्ती से कुछ ही दूरी पर ओबी का बड़ा ढेर मौजूद है, जो हर मौसम में परेशानी का कारण बना रहता है। गर्मी में धूल के गुबार, बारिश में भूस्खलन की आशंका और सर्दियों में प्रदूषण की समस्या से लोग लगातार जूझ रहे हैं। ग्राम प्रधान विजय गुप्ता, समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव मुकेश सिंह तथा अन्य स्थानीय लोगों ने परियोजना प्रबंधन और जिलाधिकारी को कई बार पत्र भेजकर समस्या के समाधान की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक प्रभावित परिवारों का सुरक्षित स्थान पर विस्थापन नहीं किया जाएगा, तब तक उन्हें स्थायी राहत नहीं मिल सकेगी। स्थानीय निवासियों ने आशंका जताई है कि बारिश के दौरान यदि ओबी का पहाड़ दरक गया तो आसपास की बस्तियों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन और परियोजना प्रबंधन से समय रहते सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने और प्रभावित लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में वायु गुणवत्ता की नियमित निगरानी के लिए एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) मापक यंत्र लगाने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि सड़कों पर फैली राख और कोयले की धूल से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे सांस और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने लगी हैं। स्थानीय लोगों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित परियोजनाओं के अधिकारियों से वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि फ्ल्यू गैस डीसल्फराइजेशन (एफजीडी) जैसी तकनीकों के शीघ्र क्रियान्वयन और धूल नियंत्रण के स्थायी उपायों से ही क्षेत्रवासियों को राहत मिल सकती है। फिलहाल बढ़ते प्रदूषण और सुरक्षा संबंधी आशंकाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
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