आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों के हालिया तबादलों के क्रम में वर्ष 2013 बैच की आईएफएस अधिकारी दिव्या ने जौनपुर की नई प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके पदभार संभालने के साथ ही जिले के वन विभाग की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर आ गई है। इससे पहले वह कानपुर में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही थीं।
विशेष बात यह है कि दिव्या, जौनपुर के जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन की पत्नी हैं। ऐसे में जिले के प्रशासनिक और वन विभाग की कमान एक ही अधिकारी दंपती के हाथों में आने से प्रशासनिक हलकों के साथ-साथ आम जनमानस में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
दिव्या को एक अनुभवी और कर्मठ वन अधिकारी के रूप में जाना जाता है। अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान उन्होंने वन संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, पर्यावरण सुरक्षा और वृक्षारोपण अभियानों को प्रभावी ढंग से संचालित किया है। उनकी कार्यशैली में योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन और जनसहभागिता को विशेष महत्व दिया जाता रहा है।
जौनपुर जनपद में हरित क्षेत्र के विस्तार, वन संपदा के संरक्षण, अवैध कटान पर नियंत्रण तथा पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों को गति देने की चुनौती उनके सामने होगी। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में वन विभाग पौधरोपण अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाएगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष पहल की जाएगी।
वहीं जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन अपनी पारदर्शी प्रशासनिक कार्यशैली, जनहितकारी निर्णयों और विकास कार्यों की सतत निगरानी के लिए पहले से ही चर्चा में रहे हैं। ऐसे में प्रशासन और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद भी व्यक्त की जा रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और विकास कार्यों को नई गति मिल सकेगी।
दिव्या के कार्यभार ग्रहण करने पर वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया तथा विभागीय योजनाओं और प्राथमिकताओं को लेकर प्रारंभिक चर्चा भी की। जिले में पर्यावरण संरक्षण, हरित अभियान और वन विकास से जुड़े कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन को लेकर सकारात्मक उम्मीदें जताई जा रही हैं।
जौनपुर में नई डीएफओ के आगमन को वन एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में जिले को हरित और पर्यावरणीय दृष्टि से अधिक समृद्ध बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की संभावना है।
