कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।जिस जाति में पैदा हुए हैं तो उस जाति धर्म का इतिहास भी जानना चाहिए जो लोग अपना और अपनी जाति का इतिहास नहीं जानते वह जाति समय के साथ विलुप्त हो जाती है और उसका अस्तित्व पहचान खत्म हो जाती है।उक्त बातें थाना क्षेत्र कटका के ग्राम कुठमा में हरि नारायण गोंड के आवास पर गोंडी धर्म के अनुसार जय बड़ा देव की विधि-विधान से पूजा- अर्चना कार्यक्रम में शामिल वरिष्ठ पत्रकार पूर्व जिला उपाध्यक्ष अखिल भारत वर्षीय गोंड महासभा अंबेडकर नगर लालमणि गोंड ने कही। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से भारी संख्या में आए गोंड धुरिया समाज के लोगों ने सह भागिता कर समाज की परंपराओं एवं संस्कृति को संरक्षित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर डॉ. राम उजागिर धुरिया,रंजू गोंड, अखिल भारत वर्षीय गोंड महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार गोंड,राम लखन गोंड,अमरेंद्र प्रताप गोंड,डॉ. धर्मेंद्र कुमार, लालमन गोंड, शिवपूजन, राजेंद्र प्रसाद, नीरज, रवि, लवकुश,छोटेलाल, निक्कू, संजय कुमार, मनोज कुमार, चतुर्भुज,मारकंडेय गोंड, प्रमोद कुमार, सुधांशु, विवेक कुमार, रामविलास,दयाराम गोंड, श्रीप्रकाश, रामबहादुर, त्रिलोकीनाथ, शिवरतन, रामरोशन,उदयराज, डॉ.अमित, डॉ. मनोज,वीरेंद्र कुमार, महारानी दुर्गावती सेवा सदन धर्म ट्रस्ट के संस्थापक एवं अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार रामू गोड ,रामभजन, डॉ. बृजेश कुमार धुरिया,वीरेंद्र कुमार धुरिया,राम सजीवन धुरिया मोनू, राजेन्द्र गोंड, रामलहन धुरिया सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम में देवों के देव बड़ा देव की पूजा- अर्चना के साथ गोंडी धर्म के इतिहास, संस्कृति एवं परंपराओं पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने गोंड समाज केअस्तित्व,पहचान,सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने पर जोर दिया।कार्यक्रम के आयोजक मारकंडेय गोंड एडवोकेट एवं लवकुश गोंड एडवोकेट रहे। उन्होंने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को अपने धर्म, संस्कृति और इतिहास की जानकारी होना आवश्यक है।इस अवसर पर महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रंजू गोंड ने कहा कि बड़ा देव गोंड समाज की आस्था के प्रमुख प्रतीक हैं और प्रत्येक परिवार को नियमित रूप से उनकी पूजा-अर्चना करनी चाहिए, जिससे समाज की सांस्कृतिक पहचान मजबूत बनी रहे।कार्यक्रम का समापन जय बड़ा देव के जयघोष और समाज की एकता एवं उत्थान के संकल्प के साथ सम्पन्न हुआ।
