कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।वर्तमान में चल रही जनगणना 2027 की जनगणना में लगे कर्मचारियों की मनमानी से गोंड,धुरिया परिवारों में गहरा आक्रोश व्याप्त है जिसकी शिकायत सैकड़ो धुरिया परिवार के लोगों ने ज्ञापन के माध्यम से उपजिलाधिकारी आलापुर एवं तहसीलदार से किया है*। *उपजिलाधिकारी आलापुर एवं तहसीलदार ने ज्ञापन लेकर और धुरिया समाज के लोगो की बात सुनने के बाद धुरिया परिवार के लोगों को आश्वस्त किया कि धुरिया परिवार की गणना गोंड जाति एससी मे ही की जाएगी धुरिया की गणना कहार जाति में नही होगी इसके लिए आज ही आदेश जारी कर सभी प्रगणक को आदेशित कर दिया जाएगा*। गोंड धुरिया परिवार के अखिल भारत वर्षीय गोंड महासभा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष लालमणि गोंड, अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार गोंड, महारानी दुर्गावती सेवा सदन धर्मार्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष रामू गोंड के नेतृत्व में धुरिया गोंड परिवार के सैकड़ों लोगों ने अपनी मांग ज्ञापन के माध्यम से उपजिलाधिकारी आलापुर एवं तहसीलदार को सौंपा।ज्ञापन में बताया कि पूरे *जनपद में गोंड धुरिया परिवार के लाखों परिवार है जिन्हे लोग कहार जानते हैं जबकि आजाद भारत की प्रथम जनगणना 1951 मे हुई थी लेकिन उस जनगणना में जाति उपजाति आदि का कालम नही था इसलिए गोंड जाति की उपजाति धुरिया, नायक ओझा, पठारी, राजगोंड की गणना कहार जाति में कर दिया गया था*। *समय समय पर शासन द्वारा कहार की 15 उपजातियों में से निकाल कर कुछ जातियों को अनुसूचित जाति, कुछ को अनुसूचित जन जाति एवं कुछ को पिछड़ी जाति में शामिल किया गया है जिसके लिए शासन प्रशासन से कई बार आदेश निर्देश शासनादेश जारी किए गए हैं*। *15/7/1998 को पिछड़ा वर्ग आयोग ने धुरिया को कहांर जाति से निकालकर गोंड जाति की उपजाति धुरिया को माना है*। *यहां गौर करने वाली बात यह है कि गोड़ीया, धीमर, बाथम, धुरिया, तुरहा,, धारुक, जैसवार, महार, मल्लाह,रैकवार, रवानी, वोट, कमकर, खरवार, सिंघाड़िया, को सब लोग पेशागात कहार ही बोलते हैं और जानते हैं*। उपरोक्त 15 जातियों में से *समय समय पर जारी शासनादेश में कुछ को अनुसूचित जाति कुछ को अनुसूचित जनजाति एवं कुछ को पिछड़ी जाति में शामिल किया गया है। इन्हीं में से धुरिया को उसकी मूल जाति गोंड मे शामिल कर शासनादेश जारी किए गए हैं*। *गलत तरीके से धुरिया परिवार की गणना कहार में दर्ज करने से गोंड धुरिया परिवार के लाखों लोगों की संस्कृति अस्मिता और पहचान खतरे में पड़ी हुई है*। जनगणना में लगे कर्मचारी बिना परिवार से पूछे अपने आप मनमानी तरीके से धुरिया परिवार की गणना कहार जाति पिछड़ी जाति में कर दे रहे हैं जबकि *धुरिया गोंड की उपजाति है और धुरिया की गणना गोंड जाति एससी (1) नम्बर मे होनी चाहिए*। *उप जिलाधिकारी आलापुर एवं तहसीलदार ने आश्वस्त किया कि धुरिया परिवार की गणना गोंड जाति एससी मे ही की जाएगी यदि किसी कर्मचारी द्वारा गोंड धुरिया परिवार की गणना अन्य जगह दर्शाया गया तो उस कर्मचारी से कोई विवाद न करें और शिकायत हमारे पास करें शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी*। इस दौरान रामबृक्ष, संजय प्रसाद, ओम प्रकाश, लक्ष्मीकांत, प्रमोद, भेजूराम, जिलाजीत, धर्मेन्द्र, ध्रुव प्रसाद, रामकुबेर, सूर्यपाल, शिव सहाय, रामसजीवन, सन्तोष, मार्कण्डेय, राकेश कुमार, रामललन, मनोज, रामजीत गोंड सहित सैकड़ों धुरिया गोंड जाति के लोग मौजूद रहे।
धुरिया गोंड जाति एससी की उपजाति है यदि किसी कर्मचारी ने धुरिया परिवार की गणना कहार में की तो उसके खिलाफ होगी कार्यवाही- उप जिलाधिकारी आलापुर
जून 04, 2026
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