अफगानिस्तान के विरुद्ध सीरीज में क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरने वाली भारतीय टीम की निगाहें शनिवार को खेले जाने वाले तीसरे और अंतिम वनडे में केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल के बल्ले से बड़ी पारी पर भी टिकी होंगी। हालांकि राहुल की वनडे टीम में जगह पर कभी कोई गंभीर खतरा नहीं रहा है, लेकिन जायसवाल के लिए यह मुकाबला काफी अहम होगा।
शीर्ष क्रम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच उन्हें अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए बड़ी पारी खेलनी होगी। जायसवाल की दिसंबर 2025 के बाद पहली बार वनडे टीम में वापसी हुई है। लखनऊ में खेले गए दूसरे वनडे में वह केवल चार रन बनाकर आउट हो गए थे। इससे पहले उन्होंने विशाखापट्टनम में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध नाबाद 116 रन बनाए थे, लेकिन इस बीच ईशान किशन की वापसी ने शीर्ष क्रम की प्रतिस्पर्धा को और कड़ा कर दिया है।
ईशान ने लखनऊ वनडे में शतक जड़कर अपनी दावेदारी और मजबूत की। कप्तान शुभमन गिल ने जायसवाल को मौका देने के लिए खुद को तीसरे नंबर पर भेजा था। हालांकि, हैमस्ट्रिंग चोट से उबरने के बाद विराट कोहली की वापसी तय है और वह नंबर तीन की जगह संभालेंगे। ऐसी स्थिति में गिल को रोहित शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करनी होगी। ईशान और श्रेयस अय्यर क्रमशः चौथे और पांचवें नंबर पर खेल रहे हैं। इसलिए जायसवाल को मिलने वाले सीमित मौकों का पूरा फायदा उठाना होगा।
इंग्लैंड दौरे के लिए भारत की वनडे टीम की घोषणा भी जल्द होने वाली है। ऐसे में एक और नाकामी चयनकर्ताओं के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकती। अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति हाल के वर्षों में कड़े फैसले लेने से नहीं हिचकी है। टी-20 विश्व कप जिताने के कुछ समय बाद ही सूर्यकुमार यादव को वनडे टीम से बाहर किया गया था। इसलिए जायसवाल के लिए यह मुकाबला अपने दम पर भविष्य सुरक्षित करने का अवसर है, खासकर तब जब शीर्ष क्रम के किसी बल्लेबाज की फिटनेस को लेकर चिंता पैदा हो।
राहुल को छठे नंबर पर करनी पड़ रही है बल्लेबाजी
राहुल की स्थिति कुछ अलग है। श्रेयस अय्यर की वापसी के बाद 34 वर्षीय राहुल को अब मुख्य रूप से छठे नंबर पर बल्लेबाजी करनी पड़ रही है। हालांकि नंबर पांच उनका सबसे सफल स्थान रहा है, जहां उन्होंने 38 मैचों में 63.20 की औसत से 1517 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और 10 अर्धशतक शामिल हैं।
छठे नंबर पर राहुल के आंकड़े भी अच्छे हैं, लेकिन उतने प्रभावशाली नहीं। उन्होंने इस स्थान पर 15 मैचों में 41.5 की औसत से 332 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है। निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए उन्हें कम ओवर मिलते हैं। इसलिए उन्हें तेज अर्धशतक या उपयोगी कैमियो खेलने की कला विकसित करनी होगी।
हर्षित की हुई वापसी
भारतीय टीम में तेज गेंदबाज हर्षित राणा की वापसी हुई है। उन्होंने बीसीसीआई सेंटर आफ एक्सीलेंस में अपना पुनर्वास पूरा कर लिया है। ऐसे में चेन्नई वनडे में उन्हें अर्शदीप सिंह की जगह मौका मिल सकता है, जिन्होंने इस सीरीज के दोनों मैच खेले हैं।
राणा के शामिल होने से भारत को निचले क्रम में एक उपयोगी बल्लेबाज का विकल्प भी मिलेगा, खासकर चोटिल नीतीश कुमार रेड्डी की अनुपस्थिति में। साथ ही टीम प्रबंधन और चयनकर्ता इंग्लैंड दौरे से पहले मैच परिस्थितियों में उनकी तैयारियों का आकलन कर सकेंगे। गुरनूर बराड़ भी दोनों मैच खेल चुके हैं, लेकिन टीम प्रबंधन विभिन्न परिस्थितियों में उन्हें और परखना चाह सकता है।
पूरी तरह पिछड़ी नजर आई अफगानिस्तान टीम
अफगानिस्तान की टीम इस दौरे पर लाल और सफेद गेंद दोनों प्रारूपों में पूरी तरह पिछड़ी नजर आई है। वह जीत भले न हासिल कर पाए, लेकिन सीरीज का समापन बेहतर प्रदर्शन के साथ करना चाहेगी। अब तक दोनों वनडे में उसका प्रदर्शन उसकी मजबूत सीमित ओवरों की टीम वाली छवि के अनुरूप नहीं रहा है। सम्मानजनक विदाई के लिए उसे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर जुझारूपन दिखाना होगा।
भारतीय टीम
शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), इशान किशन (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बराड़, हर्ष दुबे, यशस्वी जायसवाल, हर्षित राणा।
अफगानिस्तान टीम
हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, सिदीकुल्लाह अताल, दरविश रसूली, रहमत शाह, इकराम अलीखिल (विकेटकीपर), मोहम्मद नबी, अजमतुल्लाह ओमरजई, राशिद खान, नंग्याल खारोटाई, एएम गजनफर, जिया उर रहमान शरीफी, फरीद मलिक, बिलाल सामी।
