देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। जनपद में प्रस्तावित पंप्ड स्टोरेज पावर (पीएसपी) परियोजनाओं को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में गुरूवार को किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। बाद उन्होंने परियोजनाओं के संभावित प्रभावों पर गंभीर चिंता व्यक्त किया।
मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने कहा कि वह वर्षों से पेड़ है तो प्राण है अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा देशभर में एक पेड़ मां के नाम अभियान चलाकर वृक्षा रोपण किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ देखा जाए तो सोनभद्र की पहाड़ियों और वन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की संभावना पर्यावरण और स्थानीय जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। उन्होंने बताया कि जिले में विभिन्न कंपनियों द्वारा प्रस्तावित पीएसपी परियोजनाओं के लिए कुल 3,147 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। इनमें ग्रीनको के लिए 700 हेक्टेयर, जेएसडब्ल्यू के लिए 575 हेक्टेयर, अडानी के लिए 237 हेक्टेयर, अबाडा के लिए 275 हेक्टेयर, अमुनोरा के लिए 334 हेक्टेयर, टोरेंट सशनई के लिए 375 हेक्टेयर, टोरेंट शोमा के लिए 350 हेक्टेयर तथा टीएचडीसी के लिए 301 हेक्टेयर भूमि शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि इन परियोजनाओं के कारण उनकी कृषि भूमि, जंगल, जल श्रोत और आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा। प्रभावित लोगों ने प्रदर्शन कर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई और परियोजनाओं की पुनर्समीक्षा की मांग की। इस दौरान संदीप मिश्रा ने कहा कि यह केवल जमीन का मुद्दा नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य, पर्यावरण संरक्षण और सोनभद्र की पहचान से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि किसानों और ग्रामीणों की आवाज जिला मुख्यालय से लेकर लखनऊ और दिल्ली तक पहुंचाई जाएगी तथा किसी भी गरीब परिवार का आशियाना उजड़ने नहीं दिया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए चिन्हित भूमि ही उनके जीवन-यापन का प्रमुख आधार है। वर्षों से वे खेती-किसानी, पशुपालन तथा वन संसाधनों पर निर्भर होकर अपने परिवारों का भरण-पोषण करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि यदि परियोजनाएं लागू होती हैं तो उनके सामने रोजगार और आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन विकास के नाम पर जंगल, जल, जमीन और स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने प्रभावित ग्रामीणों के साथ खड़े रहने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने का संकल्प दोहराया। मौके पर रामसूरत खरवार, लक्षन खरवार, योगेंद्र खरवार, विन्दू खरवार, मुखलाल चेरो, राधा पनिका, गीता, मनोज निषाद, राजू पासवान सहित हजारों की संख्या में आदिवासी एवं वनवासी परिवारों के लोग उपस्थित रहे।
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