देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही के कारण आम जनता एवं संविदा कर्मियों की जान लगातार जोखिम में पड़ रही है। उन्होंने कहा कि आए दिन लाइनमैन तथा अन्य संविदा कर्मियों की दुर्घटनाओं में मौत हो रही है, लेकिन हर घटना के बाद केवल जांच और कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
कहा कि किसी संविदा कर्मी की मृत्यु के बाद उसका परिवार असहाय हो जाता है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और सरकार मौन बनी रहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता पहले से ही स्मार्ट मीटर, महंगी बिजली और लगातार बढ़ते विद्युत शुल्क से परेशान है। वहीं विभागीय भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण बिजली के खंभों को मानकों के विपरीत सीधे मिट्टी में गाड़ दिया जाता है, जिससे बारिश और तेज हवा में उनके गिरने का खतरा बना रहता है। इससे विद्युत आपूर्ति बाधित होने के साथ-साथ जनहानि की घटनाएं भी सामने आती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग गरीबों, मजदूरों और किसानों से बिजली बिल वसूली के लिए तो बेहद सक्रिय रहता है, लेकिन जनता की शिकायतों पर ध्यान नहीं देता। उन्होंने बताया कि ग्रामसभा पड़रच्छ के ग्रामीणों ने 6 जून 2026 को समाधान दिवस में नीचे लटक रहे 11 हजार वोल्ट के तार की शिकायत की थी। संबंधित अधिकारियों द्वारा एसडीओ पिपरी को कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। परिणामस्वरूप 9 जून को 15 वर्षीय संदीप पुत्र रामआसरे की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार के साथ कोन थाने पहुंचकर संबंधित अधिकारियों एवं एसडीओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की, जिसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया। इसी तरह 25 मई 2026 को थाना क्षेत्र के निवासी संविदा लाइनमैन विनोद कुमार पुत्र सुरेश शाह की भी ड्यूटी के
दौरान करंट लगने से मृत्यु हो गई थी। आरोप है कि लाइन बंद होने की सूचना के बावजूद विद्युत आपूर्ति चालू कर दी गई थी।
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